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खूंटी में सनसनी: अंतिम संस्कार के 7 दिन बाद जिंदा लौटा व्यक्ति,अब दफनाए गए शव की पहचान में जुटी पुलिस

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Samachar Post रिपोर्टर,खूंटी :खूंटी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति को मृत समझकर परिवार और ग्रामीणों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दफना दिया था, वह करीब एक सप्ताह बाद जिंदा घर लौट आया। घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं पुलिस अब उस अज्ञात शव की पहचान करने में जुट गई है, जिसे विश्राम मुंडा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

शादी में गया था, फिर अचानक हो गया लापता

जानकारी के मुताबिक, मारंगहादा थाना क्षेत्र के बिरजिला-पतराटोली गांव में अपने ससुराल में रहने वाले विश्राम मुंडा 6 मई को खूंटी के शेम्भूकेल गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने निकले थे। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे। कई दिनों तक कोई संपर्क नहीं होने पर परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान 11 मई को खूंटी थाना क्षेत्र के डड़गामा पीढ़ीटोली गांव के पास एक नाले से पुलिस ने एक अज्ञात शव बरामद किया। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई गई कि किसी धारदार हथियार से हत्या करने के बाद शव को नाले में फेंका गया था।

पोस्टमार्टम हाउस में हुई पहचान, फिर कर दिया अंतिम संस्कार

अज्ञात शव मिलने की सूचना पर विश्राम मुंडा के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शव की कद-काठी और चेहरे की समानता के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान विश्राम मुंडा के रूप में कर ली। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सामाजिक परंपराओं के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कर उसे दफना दिया। किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि जिसकी अंत्येष्टि की जा रही है, वह व्यक्ति जीवित है।

एक सप्ताह बाद अचानक घर लौट आया विश्राम

मामले में उस समय बड़ा मोड़ आ गया, जब अंतिम संस्कार के करीब सात दिन बाद विश्राम मुंडा अचानक खूंटी स्थित अपनी बेटी के किराये के घर पहुंच गया। उसे जिंदा देखकर परिवार और गांव के लोग हैरान रह गए। कुछ समय तक तो किसी को अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हुआ। घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में चर्चा शुरू हो गई और बड़ी संख्या में लोग विश्राम मुंडा को देखने पहुंचने लगे। विश्राम मुंडा ने परिवार को बताया कि वह बिना किसी को सूचना दिए रामगढ़ चला गया था। इस दौरान उसका मोबाइल बंद था, जिसके कारण परिवार वालों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। घटना के बाद गांव में ग्रामसभा की बैठक भी बुलाई गई। पंचायत मुखिया प्रेम टूटी ने ग्रामीणों की ओर से हुई गलती पर खेद जताया। ग्रामीणों का कहना था कि शव की पहचान केवल समानता के आधार पर की गई थी और किसी को ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं थी।

अब असली शव की पहचान में जुटी पुलिस

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस की जांच नई दिशा में बढ़ गई है। अब पुलिस उस अज्ञात शव की दोबारा पहचान कराने में जुटी है, जिसे विश्राम मुंडा समझकर दफना दिया गया था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मृत व्यक्ति कौन था और उसकी हत्या किसने की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अज्ञात शव की पहचान कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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Meenu

Reporter  |  Samachar Post

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