Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले में CID ने जांच तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए गठित SIT अब परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी बेवल और उससे जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। JSSC-CGL परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी कोलकाता की बेवल एजेंसी को दी गई थी। शुरुआती जांच में एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। जांच टीम अब कोलकाता स्थित कंपनी के मुख्यालय से लेकर झारखंड में बनाए गए परीक्षा केंद्रों तक पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
मिथिलेश सिंह की भूमिका जांच के घेरे में
मामले में बेवल एजेंसी से जुड़े मिथिलेश सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में है। CID कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी के बाहर जाने की आशंका को लेकर उनकी भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पीछे बिचौलियों और अन्य लोगों का नेटवर्क काम कर सकता है। इसी के मद्देनजर SIT मिथिलेश सिंह के संभावित ठिकानों, बैंक खातों में हुए लेन-देन और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।

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वित्तीय लेन-देन और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल
CID की जांच में कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने के लिए वित्तीय लेन-देन और डिजिटल फुटप्रिंट की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उत्तर कुंजी की जानकारी किन लोगों तक पहुंची और इसमें किसकी भूमिका रही।SIT का फोकस कथित पेपर लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने पर है। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ एजेंसी और लोगों से पूछताछ तथा जरूरी कार्रवाई कर सकती है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

