Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JSSC-CGL परीक्षा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच कुछ अभ्यर्थियों ने छह चयनित अभ्यर्थियों को लेकर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में अभ्यर्थियों की ओर से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें रांची, साहिबगंज, जामताड़ा, चाईबासा, गुमला और चतरा जिले से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों के मामलों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर समेत विभिन्न पदों पर चयनित या पदस्थापित अभ्यर्थियों से जुड़ी जानकारियों का जिक्र किया गया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि सूची परीक्षा के दौरान सामने आए कथित संदेहास्पद मामलों के आधार पर तैयार की गई है। हालांकि, इन अभ्यर्थियों के खिलाफ लगाए गए संदेहों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए किसी भी अभ्यर्थी को दोषी मानने से पहले जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।
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OMR, CCTV और बायोमेट्रिक डेटा की जांच की मांग
अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के लिए तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मूल OMR शीट, परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज और बायोमेट्रिक उपस्थिति के रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इन रिकॉर्ड्स का आपस में मिलान करने से परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है या नहीं, इसका पता लगाने में मदद मिल सकती है।
चयन प्रक्रिया की भी जांच की मांग
अभ्यर्थियों ने खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय, राजस्व, श्रम और कार्मिक विभाग से जुड़े कुछ चयनित या अनुशंसित अभ्यर्थियों के रोल नंबर और मेधा क्रमांक की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित दस्तावेजों और परीक्षा रिकॉर्ड की निष्पक्ष तरीके से जांच जरूरी है।

स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की अपील
अभ्यर्थियों ने मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच एजेंसी से संबंधित मामलों की पड़ताल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल JSSC-CGL से जुड़े इन मामलों में लगाए गए आरोपों या संदेहों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी चयनित अभ्यर्थी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। जांच एजेंसी के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित मामलों में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
CID की जांच के बीच उठी मांग
JSSC-CGL मामले में CID की जांच जारी है। ऐसे में अभ्यर्थियों की ओर से OMR, CCTV और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच की मांग मामले को लेकर चल रही जांच के बीच सामने आई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसी इन दावों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की किस तरह पड़ताल करती है।















