Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 28 सितंबर को संभावित सुनवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 28 सितंबर की तारीख की वाद सूची उपलब्ध है, हालांकि इस मामले की सुनवाई की स्थिति में बदलाव संभव है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष प्रस्तावित है। इससे पहले 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, JPSC, CBI और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
CBI या पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज से जांच की मांग
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दाखिल की है। याचिका में JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच राज्य एजेंसियों से हटाकर CBI को सौंपने की मांग की गई है। वैकल्पिक तौर पर किसी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच कराने का आग्रह भी किया गया है। याचिका में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की गई है। इसमें OMR शीट, CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी शामिल है।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने दाखिल की हस्तक्षेप याचिका
मामले में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से भी हस्तक्षेप याचिकाएं दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। मंच की ओर से मामले में अपना पक्ष रखने और सुनवाई में शामिल होने का अनुरोध किया गया है। अब अगली संभावित सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस मामले में संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की कानूनी कार्यवाही पर विचार कर सकता है। हालांकि, कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।





















