परिवहन विभाग सख्त: 12 जिलों में राजस्व वसूली कमजोर, अगस्त अंत तक पेंडेंसी जीरो करने का निर्देश

Meenu | August 21, 2026 | 01:14 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड परिवहन विभाग ने राजस्व संग्रह और नागरिक सेवाओं में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। परिवहन सचिव राजीव रंजन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राजस्व वसूली के साथ नागरिकों को मिलने वाली ऑनलाइन और ऑफलाइन सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय समीक्षा के दौरान कई जिलों में कम राजस्व वसूली और ऑनलाइन पोर्टल पर लंबित मामलों की स्थिति सामने आई। सचिव ने अधिकारियों को तय समयसीमा में पारदर्शी और सुगम सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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12 जिलों में 60% भी नहीं हुआ राजस्व संग्रह

राज्य के 12 जिलों में निर्धारित राजस्व लक्ष्य का 60 प्रतिशत भी हासिल नहीं हो पाया है। इनमें रांची, हजारीबाग, लोहरदगा, जमशेदपुर, गढ़वा, देवघर, पाकुड़, गोड्डा, साहिबगंज, सिमडेगा और जामताड़ा समेत अन्य जिले शामिल हैं। इन जिलों को राजस्व बढ़ाने के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। वहीं, 60 से 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाले जिलों को मदवार समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। 80 प्रतिशत से अधिक राजस्व लक्ष्य हासिल करने वाले कार्यालयों को बकायेदारों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने और कर वंचना से जुड़े मामलों की जांच में तेजी लाने को कहा गया है।

वाहन और सारथी पोर्टल पर हजारों आवेदन पेंडिंग

ऑनलाइन सेवाओं में लंबित आवेदनों को लेकर भी विभाग ने नाराजगी जताई है। राज्य में करीब 2,410 ड्राइविंग लाइसेंस और 1,334 लर्निंग लाइसेंस के मामले लंबित हैं। वहीं, वाहन और सारथी पोर्टल पर कुल मिलाकर करीब 31,450 मामले पेंडिंग बताए गए हैं। इनमें लगभग 11 हजार मामले एक महीने से ज्यादा पुराने हैं। रांची, हजारीबाग, देवघर और धनबाद में पेंडेंसी की स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई गई है। परिवहन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगस्त 2026 के अंत तक ऑनलाइन पोर्टल की पेंडेंसी हर हाल में शून्य की जाए। छह महीने से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और इसकी रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

पंचायत स्तर पर लगेंगे ड्राइविंग लाइसेंस कैंप

दलालों से आम लोगों को राहत दिलाने के लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। जिन पंचायतों में अब तक कैंप नहीं लगाए गए हैं, वहां अगले एक महीने के भीतर विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। औद्योगिक और खनन क्षेत्रों में एचएमवी चालकों के लिए भी विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिला परिवहन कार्यालय में ई-चालान सहायता काउंटर स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य ई-चालान से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लोगों को मदद उपलब्ध कराना है।

सड़क सुरक्षा अभियान पर भी जोर

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रत्येक जिले को वार्षिक और मासिक गतिविधि कैलेंडर तैयार करना होगा। साथ ही, हर सप्ताह कम से कम दो स्कूलों में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाग का जोर सिर्फ राजस्व संग्रह बढ़ाने पर नहीं, बल्कि नागरिकों को समय पर और परेशानी मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी है।

‘परिवहन विभाग केवल राजस्व संग्रह करने वाला विभाग नहीं’

परिवहन सचिव राजीव रंजन ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परिवहन विभाग सिर्फ राजस्व संग्रह करने वाला विभाग नहीं है। यह ऐसा विभाग है जिसका सीधा संपर्क आम लोगों से होता है। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शी, जवाबदेह और परेशानी मुक्त नागरिक सेवाएं सुनिश्चित करने को कहा है।

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