झारखंड में H1N1 का बढ़ा खतरा, 30 दिनों में मिले 36 मामले; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Rupa Kumari | September 2, 2026 | 11:06 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बारिश के मौसम के बीच झारखंड में फ्लू और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसी दौरान पिछले 30 दिनों में राज्य में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के 36 मामले सामने आए हैं। मामलों में बढ़ोतरी के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डॉक्टरों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। रिम्स के क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। फिलहाल राज्य में H1N1 स्ट्रेन के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नया वायरस नहीं है और सावधानी बरतकर संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।

बुजुर्ग और गंभीर बीमारी वाले लोग रहें सतर्क

डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य के अनुसार बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को H1N1 संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। खासतौर पर कैंसर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाएं लेने वाले और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी संक्रमण से बचाव के लिए सतर्क रहना चाहिए। जिन लोगों ने H1N1 से बचाव की वैक्सीन नहीं ली है, उन्हें भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

संक्रमित व्यक्ति को परिवार से अलग रखें

घर में किसी व्यक्ति के H1N1 से संक्रमित होने पर उसे दूसरे सदस्यों से अलग कमरे में रखने की सलाह दी गई है। संक्रमित व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए और परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। डॉक्टरों ने मरीज को पर्याप्त आराम देने और पौष्टिक भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। गर्म भोजन और सूप से भी राहत मिल सकती है। वहीं, केवल ठंडी चीजों को H1N1 संक्रमण बढ़ने का कारण मानना उचित नहीं है। संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना जरूरी है। मामलों को देखते हुए रिम्स में मरीजों के इलाज और आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम भी तैयार रखी गई है।

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इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में लक्षण गंभीर होने की स्थिति में इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि H1N1 को लेकर अनावश्यक भय न फैलाएं, लेकिन संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें।

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