Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में पिछले दो दिनों से सक्रिय मानसून और कम दबाव के क्षेत्र का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। हालांकि, भारी बारिश के बाद राज्य की कई नदियों का जलस्तर अब भी बढ़ा हुआ है। पलामू, लातेहार और गढ़वा के कई गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई डैम के फाटक भी खोल दिए गए हैं। मौसम केंद्र, रांची के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, 2 सितंबर से कम दबाव के क्षेत्र का प्रभाव कमजोर होने की संभावना है। हालांकि, बुधवार को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में इसका असर जारी रह सकता है। इन चारों जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार से मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
कई नदियां उफान पर, डैम के फाटक खोले गए
लगातार बारिश के बाद राज्य की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। भैरवी-दामोदर, स्वर्णरेखा, खरकई, अमानत और उत्तरी कोयल नदी उफान पर बताई जा रही हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण कांके, गेतलसूद और चांडिल डैम के फाटक खोले गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
पलामू, लातेहार और गढ़वा में बढ़ी परेशानी
भारी बारिश के कारण पलामू, लातेहार और गढ़वा के कई ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है। नदी-नालों में पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली नदियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

4 से 8 सितंबर तक मिल सकती है राहत
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 4 से 8 सितंबर के बीच झारखंड में मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। इस दौरान तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ उमस बढ़ सकती है। हालांकि, यह राहत लंबे समय तक रहने की संभावना नहीं है। 9 सितंबर से मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होने का अनुमान है।
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9 सितंबर से फिर बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, 9 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बनने पर झारखंड के मौसम में दोबारा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे पहले गांगेय पश्चिम बंगाल, उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 1 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई थी। उस दौरान पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गढ़वा और पलामू में रेड अलर्ट, जबकि पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार और गुमला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। रांची, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग और चतरा के लिए येलो अलर्ट था। फिलहाल बुधवार को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में येलो अलर्ट को देखते हुए लोगों को मौसम और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

