कम बारिश से निपटने की तैयारी में झारखंड सरकार, किसानों के लिए विशेष कृषि योजना पर जोर

Rupa Kumari | July 18, 2026 | 10:54 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कृषि क्षेत्र के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के विभिन्न प्रमंडलों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पलामू प्रमंडल सहित उन क्षेत्रों पर फोकस करने को कहा, जहां हर वर्ष कम बारिश के कारण खेती प्रभावित होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे इलाकों में किसानों को धान के बजाय कम पानी में तैयार होने वाली दलहन एवं मिलेट (मोटे अनाज) की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही जैविक खेती, व्यावसायिक कृषि और जल संरक्षण आधारित खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया।

मॉडल किसान पाठशालाओं के विस्तार पर जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक जिले में एक मॉडल किसान पाठशाला स्थापित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में झारखंड में 57 किसान पाठशालाएं संचालित हैं, जहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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सौर सिंचाई पंपों के वितरण में लाई जाएगी तेजी

मुख्यमंत्री ने किसान समृद्धि योजना के तहत सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंपों के वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि इससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोन के माध्यम से गढ़वा के भवनाथपुर स्थित किसान पाठशाला की गतिविधियों की जानकारी ली तथा दुमका के किसान सुरेश मरांडी से बातचीत कर कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन और डेयरी गतिविधियों को जोड़ते हुए एक समग्र व्यवसायिक मॉडल विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में वैकल्पिक आजीविका के अवसर तैयार करना आवश्यक है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसानों को समय पर उन्नत बीज, खाद और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए लैंप्स (LAMPS) और पैक्स (PACS) को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही किसानों से कृषि उत्पादों की सीधी खरीद कर भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में करने की व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में मशरूम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, प्रत्येक प्रमंडल में कृषि व्यापार मेला और पशु मेला आयोजित करने तथा बंजर एवं परती भूमि की पहचान कर वहां कृषि आधारित गतिविधियां शुरू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों और पंचायतों को कृषि मॉडल के रूप में विकसित करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया। बैठक में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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