झारखंड के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP-MACP का लाभ, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

Meenu | July 25, 2026 | 11:51 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) और मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) का लाभ नहीं देने का फैसला किया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में शुक्रवार को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

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हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

यह निर्णय झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। समिति ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली, पदोन्नति व्यवस्था और वित्त विभाग के नियमों की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए पहले से ही प्रोन्नति और समयबद्ध उच्चतर वेतनमान की व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में वित्त विभाग के 1 सितंबर 2009 के संकल्प के अनुसार उन्हें ACP और MACP योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता।

शिक्षा विभाग ने आदेश में क्या कहा?

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वित्त विभाग के नियमों के तहत राजकीयकृत विद्यालयों, अल्पसंख्यक विद्यालयों तथा UGC, AICTE और NCERT वेतनमान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को भी MACP योजना का लाभ नहीं मिलता। विभाग का कहना है कि वर्तमान नियमों के अनुसार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों को ACP-MACP का लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है।

हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद बनी थी समिति

यह मामला किरण कुमारी हेम्ब्रम एवं अन्य द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया था। सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्राथमिक शिक्षकों की मांग पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद सरकार ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को ACP और MACP का लाभ नहीं देने का निर्णय लिया।

शिक्षकों पर क्या होगा असर?

सरकार के इस फैसले के बाद झारखंड के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को ACP और MACP के तहत मिलने वाली अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, विभाग का कहना है कि इन शिक्षकों के लिए पहले से लागू पदोन्नति और समयबद्ध वेतनमान की व्यवस्था जारी रहेगी।

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