Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया जाएगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत राज्य के सभी जिलों में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से देशभर में घोषित अभियान का हिस्सा है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के मुताबिक, अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटियां INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इसके बाद प्रखंड स्तर पर तैयारी बैठकें आयोजित कर कार्यकर्ताओं और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।
जिलों में निकलेगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च
अभियान के दौरान सभी जिलों में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस के मुताबिक, मार्च डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, महात्मा गांधी की प्रतिमा या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक निकाला जाएगा। कार्यक्रम के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक रूप से वाचन किए जाने की योजना है। कांग्रेस का कहना है कि इसके जरिए नागरिकों को वयस्क मताधिकार के संवैधानिक अधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा।

SIR और मतदाता सूची को लेकर अभियान
राष्ट्रीय स्तर पर घोषित ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के पीछे INDIA गठबंधन की चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाई जा रही चिंताएं प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर कार्यक्रमों के अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च की भी घोषणा की है। झारखंड में कांग्रेस ने अपने जिला और प्रखंड संगठनों को अभियान के कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर भी होगा प्रचार
राकेश सिन्हा ने बताया कि अभियान के दौरान प्रदेश और जिला स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कार्यक्रमों की फोटो, वीडियो और मीडिया कवरेज को संकलित कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि अभियान में प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधायक, सांसद, वरिष्ठ नेता, अग्रणी संगठनों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।


















