मौसमक्रिकेटहेल्थक्राइमस्पोर्ट्सबॉलीवुडएजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेश

आज DGP के सामने 16 इनामी नक्सली करेंगे सरेंडर, हथियार और 1,562 गोलियां भी सौंपेंगे

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के अभियान को बड़ी सफलता मिलने जा रही है। मंगलवार को कुल 60 लाख रुपये के इनामी 16 नक्सली पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सली बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपेंगे। इसे राज्य में नक्सल विरोधी अभियान की अहम उपलब्धि माना जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ा नाम 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमांडर संतोष उर्फ गांधी का है। इसके अलावा 10-10 लाख रुपये के इनामी अश्विन और चंदन लोहरा समेत तीन जोनल कमांडर, 5-5 लाख रुपये के इनामी तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और तीन दस्ता कमांडर भी मुख्यधारा में लौटेंगे। इन सभी पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित है।

यह भी पढ़ें : देश में 5 साल में 17,141 सरकारी स्कूल कम हुए, हर 100 में से 45 लड़कियां 12वीं से पहले छोड़ देती हैं पढ़ाई

38 मैगजीन और 1,562 गोलियां भी करेंगे पुलिस के हवाले

आत्मसमर्पण के दौरान नक्सली अपने हथियारों के साथ 38 मैगजीन और 1,562 जिंदा गोलियां भी पुलिस को सौंपेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नक्सलियों की कमजोर होती पकड़ और सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव का संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, झारखंड में अब नक्सलियों की सक्रियता मुख्य रूप से पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल तक सीमित रह गई है। यहां भी सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं, जिससे नक्सली संगठन का नेटवर्क लगातार कमजोर पड़ रहा है और संगठन के भीतर बिखराव की स्थिति बन रही है।

इससे पहले भी 27 उग्रवादियों ने किया था आत्मसमर्पण

इससे पहले 21 मई को 25 नक्सलियों और दो JJMP उग्रवादियों ने भी पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। यह समूह कोल्हान और पश्चिम सिंहभूम क्षेत्र में सक्रिय था तथा एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के नेटवर्क से जुड़ा माना जाता था। उस समय आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

मिसिर बेसरा और असीम मंडल अब भी सुरक्षा बलों के निशाने पर

फिलहाल एक-एक करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा और असीम मंडल के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना है। सुरक्षा बलों का फोकस इन दोनों शीर्ष नक्सली नेताओं को गिरफ्तार करने या आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने पर है। कई बार मुठभेड़ों के दौरान इनके घिरने की खबरें सामने आईं, लेकिन दोनों हर बार बच निकलने में सफल रहे।

नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी सफलता

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि 16 इनामी नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, प्रभावी रणनीति और विकास योजनाओं के चलते आने वाले समय में और अधिक नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने की संभावना जताई जा रही है।

Meenu

Reporter  |  Samachar Post

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment