धनबाद के मोहरीबांध में धंसी सड़क का RCD टीम ने किया निरीक्षण, मरम्मत और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

Rupa Kumari | July 13, 2026 | 04:15 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क पर मोहरीबांध के समीप सड़क धंसने की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। लगातार बढ़ते खतरे और स्थानीय लोगों की चिंता के बीच रविवार को रांची से सड़क निर्माण विभाग (RCD/PWD) की तकनीकी टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान झरिया विधायक रागिनी सिंह भी मौजूद रहीं। टीम ने धंसी हुई सड़क और आसपास के प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत जायजा लिया तथा सड़क की वर्तमान स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन किया।

फायर जोन होने से उत्पन्न हुई समस्या : कार्यपालक अभियंता

निरीक्षण के दौरान आरसीडी धनबाद के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार ने बताया कि यह इलाका अग्नि प्रभावित (फायर जोन) क्षेत्र में आता है। भूमिगत आग और भू-धंसान की समस्या के कारण सड़क प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत के लिए आवश्यक राशि का प्रस्ताव जनवरी महीने में ही भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को भेज दिया गया था। जैसे ही बीसीसीएल से राशि उपलब्ध होगी, मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

विधायक रागिनी सिंह ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

निरीक्षण के दौरान झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और पूरी परियोजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक के कार्यकाल में लगभग 44 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन कुछ ही समय में सड़क धंसने लगी। रागिनी सिंह ने पूछा कि यदि क्षेत्र में पहले से भूमिगत आग और भू-धंसान का खतरा मौजूद था, तो निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वैज्ञानिक और तकनीकी जांच क्यों नहीं कराई गई।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

विधायक ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सर्वेक्षण और सुरक्षा मूल्यांकन के बिना सड़क का निर्माण कराया गया, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई और आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच कराने तथा परियोजना में शामिल अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही प्रभावित सड़क की जल्द मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जानकारी के अनुसार बीसीसीएल की भूमिगत खनन गतिविधियों और आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा किए जा रहे नियमित ब्लास्टिंग कार्यों के कारण सड़क के कई हिस्सों में भू-धंसान की स्थिति उत्पन्न हो गई है। करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह सड़क झरिया और बलियापुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है और स्थानीय लोगों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है।

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जल्द समाधान की उम्मीद

निरीक्षण के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और बीसीसीएल मिलकर सड़क की मरम्मत और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देंगे। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मरम्मत कार्य कब शुरू होता है और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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