Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने वर्तमान बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान, सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय और दैनिक भोगी कर्मियों के नाम पर किए गए कथित संदिग्ध भुगतानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
अतिक्रमण अभियान से छोटे व्यापारियों को नुकसान का आरोप
वीरेंद्र मंडल ने आरोप लगाया कि दुर्गापूजा के दौरान चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अभियान को जिला प्रशासन की पहल बताकर भ्रम की स्थिति पैदा की गई, जबकि इसकी शुरुआत नगर पंचायत की ओर से की गई थी। पूर्व अध्यक्ष ने अभियान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान छोटे व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
तीन महीने से अधिक समय से सफाई कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीरेंद्र मंडल ने सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कर्मियों को तीन महीने से अधिक समय से भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान में देरी का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है और विभिन्न इलाकों में कचरा जमा हो रहा है। पूर्व अध्यक्ष ने वर्तमान बोर्ड को चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलाते हुए सफाई व्यवस्था में सुधार और कर्मियों के बकाया भुगतान की मांग की।
दैनिक भोगी कर्मियों के भुगतान की निष्पक्ष जांच की मांग
वीरेंद्र मंडल ने नगर पंचायत में दैनिक भोगी कर्मियों के नाम पर किए गए कथित संदिग्ध भुगतानों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को दूर करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। हालांकि, भुगतान में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में जांच के निष्कर्ष भी सामने नहीं आए हैं।
उपायुक्त से हस्तक्षेप करने की अपील
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने उपायुक्त से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने, शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और दैनिक भोगी कर्मियों के भुगतान की जांच कराने की मांग की। वीरेंद्र मंडल ने नगर पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। फिलहाल, इन आरोपों पर नगर पंचायत के वर्तमान बोर्ड की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






















