जामताड़ा में साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा, फर्जी KYC और ATM ब्लॉक के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

Meenu | July 31, 2026 | 01:26 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा : साइबर अपराध के लिए चर्चित जामताड़ा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक (SP) शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर साइबर ठगी में शामिल तीन आरोपियों को दबोच लिया।

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दो स्थानों पर हुई छापेमारी

पुलिस की पहली कार्रवाई जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद गांव में हुई, जहां बिक्रम दाँ को उसके घर से कथित रूप से साइबर ठगी करते हुए गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दूसरी छापेमारी मिहिजाम थाना क्षेत्र के बेवा गांव से लगभग 400 मीटर उत्तर स्थित सागवान और शीशम के जंगल में की गई। यहां से जय कुमार दास और हेमंत दास को गिरफ्तार किया गया।

मोबाइल, फर्जी सिम और ATM कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 8 फर्जी सिम कार्ड, 2 ATM कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की। मामले में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 48/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी बिक्रम दाँ खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह बैंक ऑफ इंडिया का ATM कार्ड ब्लॉक होने और KYC अपडेट कराने का झांसा देकर लोगों से बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करता था और कथित रूप से ठगी को अंजाम देता था।

Amazon Pay के जरिए जुटाते थे मोबाइल नंबर

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जय कुमार दास और हेमंत दास कथित रूप से Amazon Pay ऐप के माध्यम से मोबाइल नंबर जुटाते थे। इसके बाद KYC अपडेट के नाम पर फर्जी कॉल कर लोगों को झांसे में लेते और ई-वॉलेट के जरिए रकम निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी अन्य साइबर अपराधियों को बैंक खाते और ATM कार्ड उपलब्ध कराने का भी काम करते थे।

कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस अभियान में थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक नितिश कुमार, मनीष कुमार गुप्ता, एएसआई हीरालाल महतो और रिजर्व गार्ड के जवान शामिल रहे।

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