फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर करता था वसूली, युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर यौन शोषण का आरोप; जामताड़ा में गिरफ्तार

Rupa Kumari | July 29, 2026 | 04:46 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को ठगने, रंगदारी वसूलने और युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने के आरोपित एक शातिर व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अनूप कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह वर्षों से पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र और अन्य पुलिस उपकरणों का इस्तेमाल कर लोगों पर रौब जमाता था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में मिहिजाम थाना कांड संख्या 50/2026 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

जामताड़ा एसडीपीओ वसीम रजा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा को सूचना मिली थी कि कानगोई-डोमदाहा रोड स्थित पत्थर डंप के पास एक व्यक्ति पुलिसकर्मी बनकर लोगों पर धौंस जमा रहा है।सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति पुलिस के बूट और वर्दी जैसी पोशाक में मिला। पूछताछ के दौरान उसने खुद को जैप-5 का जवान बताते हुए देवघर में पदस्थापित होने का दावा किया।

फर्जी आईडी कार्ड से खुली पोल

पुलिस ने जब पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की तो प्रस्तुत आईडी कार्ड में कई विसंगतियां सामने आईं। नियुक्ति तिथि और जन्मतिथि के बीच गंभीर अंतर पाए जाने पर पुलिस को संदेह हुआ। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी पहचान पत्र बनवाया था और पुलिस की वर्दी धनबाद से खरीदी थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि वह खाकी वर्दी का प्रभाव दिखाकर लोगों से अवैध वसूली करता था। पुलिस के अनुसार, जांच में यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कई युवतियों के संपर्क में आता था। उन पर विश्वास कायम करने के बाद वह उन्हें प्रेमजाल में फंसाता और कथित रूप से उनका यौन शोषण करता था। इन आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस संभावित पीड़ितों से भी संपर्क कर रही है।

2019 से कई राज्यों में सक्रिय होने की आशंका

पुलिस जांच में सामने आया है कि अनूप कुमार वर्ष 2019 से झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर घूम रहा था। इस दौरान उसने कई लोगों को अपना शिकार बनाया। जानकारी के अनुसार, वह पहले धनबाद में एक पुलिस अधिकारी के वाहन चालक के रूप में कार्य कर चुका था, लेकिन अनुशासनहीनता और अन्य आरोपों के कारण उसे हटा दिया गया था। पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन क्षेत्र में भी उसके खिलाफ फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने के आरोप सामने आए हैं।

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घरेलू विवाद और पुराने मामलों की भी जांच

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी के खिलाफ पहले से पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण से संबंधित मामला दर्ज है। बताया जाता है कि अदालत ने उसे पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था, लेकिन वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिट्ठू बैग बरामद किया है। तलाशी के दौरान बैग से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो चाकू, दो वॉकी-टॉकी, तीन स्मार्टफोन, फर्जी पहचान पत्र, पुलिस जैसी वर्दियां, बेल्ट, बूट, टोपी और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री और आरोपी के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।

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