Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। मलेरिया से एक पांच वर्षीय बच्ची समेत दो और मरीजों की मौत हो गई है। इन ताजा मौतों के बाद जिले में इस वर्ष मलेरिया से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ को निलंबित कर दिया है।
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ब्रेन मलेरिया से पांच वर्षीय बच्ची की मौत
पोटका प्रखंड निवासी गणेश सरदार की पांच वर्षीय बेटी राखी सरदार कई दिनों से बीमार थी। 5 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उसे खासमहल स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसी दिन महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल रेफर कर दिया गया। जांच में बच्ची में ब्रेन मलेरिया (सेरेब्रल मलेरिया) की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार को उसकी मौत हो गई। फिलहाल एमजीएम अस्पताल में ब्रेन मलेरिया से पीड़ित दो अन्य गंभीर मरीजों का भी इलाज चल रहा है।

महिला मरीज ने भी इलाज के दौरान तोड़ा दम
मलेरिया से दूसरी मौत टुरियाबेरा गांव की 50 वर्षीय मेरी बंडारा की हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला मलेरिया के साथ-साथ निमोनिया और पीलिया (जॉन्डिस) से भी पीड़ित थीं। पहले उनका इलाज मर्सी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, CHC प्रभारी निलंबित
मलेरिया की लगातार बिगड़ती स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं में कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग का आरोप है कि क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रभावी संचालन में लापरवाही बरती गई। जिले में बढ़ते मलेरिया मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है। लोगों से मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने, तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य कें

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