Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमशेदपुर में बड़ी कार्रवाई की है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। दोनों को मेडिकल जांच के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद ईडी की टीम उन्हें रांची लेकर रवाना हुई।
बिष्टुपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी
ईडी की कार्रवाई बुधवार सुबह बिष्टुपुर से शुरू हुई। जांच टीम ने होटल सोननेट के सामने स्थित ज्योति अपार्टमेंट में बबलू जायसवाल के आवास और आवासीय कार्यालय की तलाशी ली। इसके अलावा एन रोड स्थित बीएस टावर में कारोबारी के फ्लैट और उनके अकाउंटेंट संजय पारेख से जुड़े ठिकाने पर भी जांच की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों के साथ कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की गई। कई ठिकानों पर सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए थे।

एमजीएम अस्पताल में बबलू जायसवाल ने लगाया फंसाने का आरोप
मेडिकल जांच के दौरान बबलू जायसवाल और उनके बेटे ने कार्रवाई का विरोध किया। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, बबलू जायसवाल ने खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया और अपने ब्लड प्रेशर बढ़े होने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें दवा नहीं दी जा रही थी। इन आरोपों पर ईडी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईडी की कार्रवाई जमशेदपुर तक सीमित नहीं रही। रिपोर्टों के अनुसार, देवघर और कोलकाता में भी मामले से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली गई। यह कार्रवाई 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी ITC नेटवर्क की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।
135 शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ा है मामला
ईडी के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले की जांच डीजीजीआई, जमशेदपुर की शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में 135 शेल कंपनियों का नेटवर्क सामने आया। ईडी के अनुसार, इन कंपनियों के जरिए बिना वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति के 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी चालान तैयार किए गए और 734 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ITC जनरेट कर आगे पहुंचाया गया। एजेंसी के अनुसार, इस फर्जी ITC को कमीशन के बदले विभिन्न लाभार्थी कंपनियों तक पहुंचाया गया, जिन्होंने इसका इस्तेमाल अपनी GST देनदारी कम करने के लिए किया। ईडी ने अपनी जांच में इस नेटवर्क से करीब 67 करोड़ रुपये के कमीशन की जानकारी दी है।
मामले में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में ईडी ने मई 2025 में शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा, अमित गुप्ता और जमशेदपुर के अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने बाद में इस मामले में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। जांच के दौरान संपत्तियों और बैंक खातों पर कार्रवाई की जानकारी भी ईडी ने दी है। मामले में आगे की जांच जारी है। बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।



















