Samachar Post रिपोर्टर, रांची : शहर में इंटरनेट और केबल तारों को काटे जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि पिछले करीब दो सप्ताह से रांची के अलग-अलग इलाकों में बिना सूचना के बिजली के खंभों से इंटरनेट केबल काटे जा रहे हैं, जिससे इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इंटरनेट कनेक्शन बाधित होने का असर खुद झारखंड हाईकोर्ट के कामकाज पर भी पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा अब तक बहाल क्यों नहीं की गई।
बिजली वितरण निगम के CMD अदालत में हुए पेश
रांची शहर में केबल और इंटरनेट तारों के अव्यवस्थित तरीके से लगाए जाने से संबंधित स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के CMD अदालत में उपस्थित हुए। सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। अदालत ने इंटरनेट सेवा बाधित होने को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा।
दो सप्ताह से केबल काटे जाने पर कोर्ट ने पूछा सवाल
अदालत ने कहा कि शहर में पिछले दो सप्ताह से पोल पर लगे इंटरनेट तार बिना सूचना के काटे जा रहे हैं। इससे कई इलाकों में इंटरनेट सेवा प्रभावित हुई है। कोर्ट ने विशेष रूप से हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि कनेक्शन बाधित होने के बाद उसे अब तक दोबारा चालू क्यों नहीं किया गया।
दोपहर 2:15 बजे तक सेवा बहाल करने का निर्देश
अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि दोपहर 2:15 बजे तक झारखंड हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा बहाल की जाए। मामले की अगली सुनवाई भी उसी दिन दोपहर 2:15 बजे निर्धारित की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई के समय तक इंटरनेट कनेक्शन बहाल होना चाहिए और संबंधित अधिकारी इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

केबल लगाने की अनुमति और जिम्मेदारी पर पहले भी सवाल
इस मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि रांची शहर में किन-किन टेलीकॉम कंपनियों को केबल और इंटरनेट तार लगाने की अनुमति दी गई है और उन कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराई गई अनुमति का कितना इस्तेमाल किया जा रहा है। अदालत ने यह भी कहा था कि यदि शहर में इंटरनेट और केबल तार अव्यवस्थित तरीके से लगे हैं या नीचे लटक रहे हैं, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
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लटकते तारों के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई का सवाल
हाईकोर्ट ने JBVNL के CMD से यह भी पूछा था कि रांची में नीचे लटक रहे या झूलते केबल तारों के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है और उसके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अब अदालत के निर्देश के बाद सरकार और संबंधित विभाग के सामने हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा को समयसीमा के भीतर बहाल करने के साथ शहर में केबल व्यवस्था को व्यवस्थित करने की चुनौती है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।


