HEC के पुनरुद्धार की दिशा में बढ़ी गतिविधियां, संसदीय समिति की छह सदस्यीय टीम आज पहुंचेगी रांची

Rupa Kumari | August 19, 2026 | 11:01 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) के पुनरुद्धार को लेकर केंद्र स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में संसद की औद्योगिक स्थायी समिति की छह सदस्यीय टीम बुधवार को तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचेगी। समिति का यह दौरा HEC की वर्तमान स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने और पुनर्जीवन की संभावनाओं को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सांसद तिरुचि शिवा करेंगे टीम का नेतृत्व

संसदीय समिति का नेतृत्व सांसद तिरुचि शिवा करेंगे। टीम में सांसद हंसमुख भाई पटेल सहित अन्य सदस्य भी शामिल होंगे। रांची पहुंचने के बाद समिति HEC प्रबंधन और अधिकारियों के साथ बैठक कर कंपनी की वित्तीय, प्रशासनिक और उत्पादन संबंधी चुनौतियों की जानकारी लेगी। 20 अगस्त को समिति HEC के तीनों प्रमुख प्लांटों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान उत्पादन इकाइयों, मशीनों, तकनीकी संसाधनों और कार्यप्रणाली का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षण के समय HEC के सीएमडी के.एस. मूर्ति समेत कंपनी के सभी निदेशक मौजूद रहेंगे। प्रबंधन समिति को उत्पादन क्षमता, मशीनों की स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और कंपनी के सामने मौजूद चुनौतियों से अवगत कराएगा।

श्रमिक संगठनों से भी होगी बातचीत

समिति के कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी शामिल है। इस दौरान कर्मचारियों की समस्याओं, वेतन, कार्य परिस्थितियों और HEC के भविष्य को लेकर उनके सुझावों एवं अपेक्षाओं पर चर्चा होने की संभावना है। लंबे समय से आर्थिक संकट, वेतन भुगतान में देरी और उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति की झारखंड सरकार की कैबिनेट सचिव वंदना दादेल के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में HEC के पुनरुद्धार, राज्य सरकार की भूमिका और केंद्र सरकार से संभावित सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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पुनरुद्धार की दिशा तय कर सकती है रिपोर्ट

HEC देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के भारी इंजीनियरिंग उपक्रमों में से एक रहा है और विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भारी उपकरणों के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से कंपनी गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है।ऐसे में संसदीय समिति द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण और विभिन्न पक्षों से बातचीत के आधार पर तैयार होने वाली रिपोर्ट को HEC के भविष्य और उसके पुनरुद्धार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर इस रिपोर्ट को लेकर उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

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