Samachar Post रिपोर्टर, गुमला : शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर खोरा से कुसुमटोली जाने वाले रास्ते पर बंद पड़े दिलीप ईंट भट्ठे के आसपास चार भालुओं के देखे जाने से इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक झुंड में दो बड़े और दो छोटे भालू हैं। लोगों का कहना है कि बड़े भालू नर-मादा हैं और दोनों छोटे उनके बच्चे हैं।
बताया जा रहा है कि करीब पांच-छह महीने पहले भी इस इलाके में दो बड़े भालू देखे गए थे। उस समय उनके साथ कोई बच्चा नहीं था। सोमवार रात चारों भालुओं को एक साथ भट्ठे के आसपास घूमते देखा गया। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि मादा भालू ने बच्चों को जन्म देने के लिए लंबे समय से बंद पड़े ईंट भट्ठे को सुरक्षित स्थान के तौर पर चुना होगा।
स्थानीय व्यक्ति ने खींची भालुओं की तस्वीर
सोमवार रात भालुओं के भट्ठे से बाहर निकलने के दौरान आसपास रहने वाले सुभाष की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने भालुओं की तस्वीर अपने मोबाइल से खींच ली। समाजसेवी मनमोहन सिंह ने यह तस्वीर उपलब्ध कराई, ताकि आसपास के लोगों को भालुओं की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिल सके और वे सतर्क रहें। ईंट भट्ठे के आसपास करीब 20 से 25 घर हैं। चार भालुओं के एक साथ दिखाई देने के बाद इन घरों में रहने वाले परिवारों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से भालुओं को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने की मांग की है।
वन विभाग करेगा मौके पर पहुंचकर सत्यापन
भालुओं की मौजूदगी को लेकर वन विभाग ने भी संज्ञान लिया है। डीएफओ अहमद बेलाल अनवर ने बताया कि टीम को मौके पर भेजकर क्षेत्र में भालुओं की मौजूदगी का सत्यापन कराया जाएगा। भालू मिलने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और भालुओं के पास नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने लोगों को भालुओं को छेड़ने या उन्हें घेरने से भी बचने की सलाह दी है।






















