मौसमक्रिकेटहेल्थक्राइमस्पोर्ट्सबॉलीवुडएजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेश

गिरिडीह में सोलर लाइट सिटी का सपना अधूरा, करोड़ों खर्च के बाद भी अंधेरे में इलाके

--Advertisment--

Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह: शहर को सोलर लाइट सिटी बनाने का दावा जमीनी स्तर पर फेल होता नजर आ रहा है। पुलिस लाइन से लेकर जोड़ा पहाड़ी तक कई इलाकों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं या महीनों से बंद हैं। रात होते ही सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

महीनों से खराब पड़ी लाइटें, अधूरा काम

स्थानीय लोगों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए सोलर लाइट पोल कुछ ही महीनों में खराब हो जाते हैं। इसके बाद फिर से टेंडर निकालकर उसी स्थान पर नई लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। कई जगहों पर पिछले आठ महीनों से पोल तक नहीं लगाए गए हैं और सामग्री सड़क किनारे पड़ी हुई है। इससे प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।

यह भी पढ़ें: बोकारो ट्रेजरी से फर्जी वेतन घोटाला, सीआईडी की बड़ी कार्रवाई; होमगार्ड जवान गिरफ्तार

रखरखाव पर उठ रहे सवाल

इस कार्य की जिम्मेदारी श्री कलेक्शन और श्री राम इंटरप्राइजेज को दी गई है, लेकिन नियमित रखरखाव नहीं होने से समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों पर विकास दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्थिति अलग है। शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

अंधेरे से बढ़ा हादसों और अपराध का खतरा

रात के समय कई सड़कें पूरी तरह अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित एजेंसियों को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एजेंसी का कार्यालय रांची में होने के कारण त्वरित समाधान नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो सोलर लाइट सिटी का सपना कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

https://samacharpost.live/2026/04/bokaro-treasury-fake-salary-scam-homeguard-arrested-cid-investigation/
Samachar Post App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां। रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment