गिरिडीह में वज्रपात का कहर, 10 लोगों की मौत; देवरी में एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत 5 की गई जान

Rupa Kumari | August 5, 2026 | 02:26 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले में बुधवार को हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। सबसे दर्दनाक घटना देवरी थाना क्षेत्र में हुई, जहां एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

देवरी में बारिश से बचने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसाईं आहर के पास कुछ किशोर बारिश से बचने के लिए एक स्थान पर रुके हुए थे। इसी दौरान अचानक वज्रपात हुआ और सभी उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), गजेंद्र साव (15) और कुश कुमार तिवारी (18) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उमेश यादव (17) गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसी क्षेत्र के बांसडीह पंचायत अंतर्गत तिलयडीह गांव में खेत में काम कर रहे संतोष तिवारी (40) की भी वज्रपात से मौत हो गई, जबकि विक्रम तिवारी घायल हो गए।

जिले के अन्य इलाकों में भी गिरी बिजली

देवरी के अलावा जिले के कई अन्य थाना क्षेत्रों में भी वज्रपात से जनहानि हुई। गावां थाना क्षेत्र में पूनम देवी (35) की मौत हो गई। बिरनी थाना क्षेत्र के बेड़गेरो गांव निवासी हनूश मियां (75) ने भी आकाशीय बिजली गिरने से दम तोड़ दिया। वहीं बगोदर क्षेत्र में कार्यरत लातेहार निवासी मजदूर समीर गिद की भी वज्रपात से मौत हो गई। जमुआ थाना क्षेत्र के बागेडीह गांव की आरती देवी की भी बिजली गिरने से जान चली गई। इन घटनाओं में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

प्रभावित गांवों में पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि

घटनाओं की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सांत्वना दी और हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

गांवों में तड़ित चालक लगाने की मांग तेज

लगातार बढ़ रही वज्रपात की घटनाओं के बीच जनप्रतिनिधियों ने गांव-गांव में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पहले लगाए गए तड़ित चालक चोरी हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। उन्होंने सरकार से संवेदनशील क्षेत्रों में नए तड़ित चालक लगाने और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

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सिविल सर्जन ने 10 मौतों की पुष्टि की

जिले के सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद सिंह ने वज्रपात से 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अधिकांश शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और घायलों का इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।

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