Samachar Post रिपोर्टर,गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड स्थित मघाकला पंचायत के काजिमगहा गांव में शनिवार को बारिश के दौरान एक जर्जर कच्चा मकान अचानक ढह गया। हादसे में मलबे के नीचे दबने से हीरिया देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक जांच में उनके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है और उनका इलाज जारी है। मकान गिरने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और माले नेता असगर अली ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जमुआ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की।
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आवास नहीं मिलने पर उठे सवाल
घटना के बाद माले नेता असगर अली ने प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर गरीब महिला को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने अस्पताल में समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने का भी आरोप लगाया और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
बरसात में जर्जर मकानों में रहने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में कई गरीब परिवार जर्जर कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि आवास योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने के कारण लोग हर समय हादसे के खतरे में जीवन बिता रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए।

आवास सूची में शामिल है महिला का नाम- मुखिया
मघाकला पंचायत के मुखिया अबूजर नोमानी ने बताया कि हीरिया देवी का नाम आवास सूची में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से बात कर उन्हें अंबेडकर आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से घायल महिला के बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और जल्द पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही यह भी सवाल उठाया है कि आवास सूची में नाम होने के बावजूद अब तक योजना का लाभ क्यों नहीं मिला।

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