बाबूलाल मरांडी की मांग: JPSC भर्ती मामले की CBI जांच हो, पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते पर FIR दर्ज की जाए

Meenu | July 26, 2026 | 02:29 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की।

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“JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा पर्याप्त नहीं”

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा पूरे मामले का समाधान नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को न्याय दिलाने के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि स्वतंत्र और पारदर्शी जांच आवश्यक है। नेता प्रतिपक्ष ने JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी जांच CID को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक संतोषजनक परिणाम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव के कारण सही तथ्य सामने नहीं आ पाते और CID जांच पर सवाल खड़े होते हैं।

एल. खियांग्ते के खिलाफ FIR की मांग

मरांडी ने कहा कि उप परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी के बाद यह भी जांच का विषय है कि ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति कैसे हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि OMR शीट और TDPL से जुड़े मामलों में भी कथित गड़बड़ियां हुई हैं। इसी आधार पर उन्होंने पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच के दायरे में लाने की मांग की।

अभ्यर्थियों से वसूली के लगाए आरोप

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में चयन के नाम पर अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूले जाने की शिकायतें मिली हैं। उनके अनुसार, कथित तौर पर प्रारंभिक परीक्षा (PT), मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के लिए अलग-अलग रकम मांगी जाती थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।

“CID नहीं, CBI करे जांच”

मरांडी ने CID की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच आवश्यक है। उन्होंने राज्य सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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