Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : गिरिडीह के बनियाडीह स्थित CCL क्षेत्र में शनिवार रात भू-धसान की घटना से हड़कंप मच गया। घटना में कई घर जमीन में धंसकर जमींदोज हो गए। खतरे को देखते हुए करीब 11 मकानों को खाली करा लिया गया है। घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भू-धसान के पीछे अवैध खनन को संभावित कारण बताया है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
तेज आवाज के बाद हिली जमीन, घरों में मची अफरा-तफरी
स्थानीय निवासी दीपक कुमार के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9 बजे लोग अपने घरों में थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज सुनाई दी और जमीन हिलने लगी। कुछ ही देर में जमीन पर दरारें दिखाई देने लगीं। खतरे का अंदाजा होते ही लोग आनन-फानन में घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। इसके बाद कई मकान जमीन में धंस गए। गनीमत रही कि लोग समय रहते घरों से बाहर निकल गए।
बनियाडीह में पहले भी हो चुकी हैं भू-धसान की घटनाएं
बनियाडीह क्षेत्र में पहले भी भू-धसान की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके के नीचे लंबे समय से कोयला खनन के कारण जमीन कमजोर हुई है। लोगों के मुताबिक, कई जगह जमीन में दरारें पड़ने और धंसने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने अवैध खनन को लेकर भी चिंता जताई है और पूरे क्षेत्र की जांच की मांग की है। बताया जा रहा है कि CCL प्रबंधन की ओर से प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों को पहले ही मकान खाली करने का नोटिस दिया गया था। खतरे को देखते हुए कुछ परिवार धीरे-धीरे अपने घर खाली भी कर रहे थे। इसी बीच भू-धसान की घटना के बाद इलाके में रहने वाले अन्य परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है।
प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और CCL प्रबंधन से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और तत्काल राहत की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक जमीन की स्थिति और खनन गतिविधियों की जांच नहीं होती, तब तक प्रभावित इलाके में रहना जोखिम भरा है। स्थानीय लोगों ने अवैध खनन पर रोक लगाने के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने की मांग की है।






















