Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रविवार सुबह अचानक शहर के प्रमुख रास्तों और सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ गई। सड़कों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच शुरू की गई। कुछ देर के लिए राहगीरों के बीच भी इसे लेकर हलचल देखने को मिली। दरअसल, रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति में अपनी तैयारियों को परखने के लिए ‘बॉर्डर सीलिंग’ मॉक ड्रिल चलाया। इस अभ्यास का उद्देश्य यह देखना था कि किसी बड़ी आपराधिक घटना या अन्य आपात स्थिति के दौरान शहर के प्रमुख निकास मार्गों को कितनी तेजी से सील किया जा सकता है और पुलिस की अलग-अलग टीमों के बीच किस तरह समन्वय स्थापित होता है।
SSP के निर्देश पर सड़कों पर उतरी पुलिस
SSP राकेश रंजन के निर्देश पर मॉक ड्रिल की योजना तैयार की गई। अभियान के दौरान सिटी SP पारस राणा और ग्रामीण SP गौरव गोस्वामी ने मौके पर पहुंचकर पुलिस की तैनाती और कार्रवाई का जायजा लिया। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को सीमावर्ती और प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर तैनात किया गया। इन स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले वाहनों की निगरानी की गई।
बॉर्डर पॉइंट्स पर वाहनों की जांच
मॉक ड्रिल के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़ने वाले प्रमुख रास्तों पर अचानक बैरिकेडिंग की गई। वहां से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहनों को रोककर जांच की गई। पुलिसकर्मियों ने वाहनों की तलाशी के साथ चालकों से जरूरी दस्तावेज भी मांगे। अभ्यास के दौरान अधिकारियों ने पुलिस बल की तैनाती, वाहन जांच और मौके पर प्रतिक्रिया की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
अपराधियों के भागने के रास्ते रोकने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, किसी बड़ी आपराधिक घटना के बाद अपराधी शहर से बाहर निकलने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में प्रमुख निकास मार्गों और सीमावर्ती पॉइंट्स को जल्द सील करना पुलिस की कार्रवाई का अहम हिस्सा होता है। इसी तैयारी को परखने के लिए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के जरिए यह जांचा गया कि किसी वास्तविक घटना की स्थिति में रांची पुलिस कितनी तेजी से बॉर्डर पॉइंट्स पर पहुंचकर बैरिकेडिंग और वाहन जांच शुरू कर सकती है।
रिस्पॉन्स टाइम और आपसी समन्वय की हुई समीक्षा
बॉर्डर सीलिंग मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस की रिस्पॉन्स टाइम और अलग-अलग थाना क्षेत्रों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस टीमों की तैयारियों का जायजा लिया। रांची पुलिस की इस कवायद का मकसद किसी वास्तविक घटना के दौरान तत्काल कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना और शहर से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।




















