Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मंगलवार को गढ़वा में ‘रन फॉर हार्ट’ मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। जिला समाहरणालय से शुरू हुई करीब छह किलोमीटर की दौड़ में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, डॉक्टरों, पत्रकारों, युवाओं, बुजुर्गों और बड़ी संख्या में आम लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा के युवाओं के साथ जिले के विभिन्न वर्गों के लोग उत्साह के साथ शामिल हुए। मिनी मैराथन के जरिए लोगों को स्वस्थ हृदय और हृदय रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
सफेद टी-शर्ट में दौड़े प्रतिभागी
जिला समाहरणालय के पास सुबह से ही प्रतिभागियों की भीड़ जुटने लगी थी। अधिकांश प्रतिभागियों ने सफेद टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर लाल दिल का निशान बना हुआ था। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और हृदय को स्वस्थ रखने का संदेश दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना और नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना था।
समाहरणालय से टंडवा तक हुई करीब 6 किलोमीटर की दौड़
‘रन फॉर हार्ट’ मिनी मैराथन जिला समाहरणालय से शुरू होकर टंडवा तक पहुंची। डीसी पीएन मिश्रा, एसपी, सीआरपीएफ कमांडेंट, पूर्व विधायक और नगर परिषद अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया। टंडवा पहुंचने के बाद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डॉक्टरों की टीम ने लोगों को हृदय रोग के लक्षण, संभावित कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
हृदय की सेहत को नजरअंदाज न करें- डीसी
गढ़वा के डीसी पीएन मिश्रा ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपने हृदय के स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। हृदय रोग के मामले सामने आ रहे हैं और कई लोग असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग और सतर्क रहने की अपील की। डीसी ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता से हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. पंकज प्रभात ने बताया ‘रन फॉर हार्ट’ का उद्देश्य
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज प्रभात ने कहा कि ‘रन फॉर हार्ट’ का उद्देश्य सिर्फ दौड़ आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में हृदय रोगों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार लेना जरूरी है। इलाज को टालना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
डॉक्टरों ने नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान पर दिया जोर
आईएमए के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. निशांत सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का कार्यक्रम में शामिल होना हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का संकेत है। कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने लोगों से नियमित व्यायाम करने, खान-पान पर ध्यान देने और हृदय संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। आयोजन के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने हृदय के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।






















