Samachar Post रिपोर्टर,रांची :रांची जिला स्वास्थ्य समिति ने महिला फ्रंटलाइन वर्कर्स सहिया के मानसिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एक ऐतिहासिक पहल की है। सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में आज “मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला” का आयोजन किया गया। यह झारखंड राज्य में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जिसका नेतृत्व जिला कार्यक्रम समन्वयक, श्रीमती प्रीति चौधरी ने किया।
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सहियाएं स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ : सिविल सर्जन
कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने किया। उन्होंने कहा, तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते कार्यभार और चुनौतियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। सहियाएं स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, इसलिए उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य मजबूत होना स्वस्थ समाज की नींव है।
पहली बार मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर चर्चा, सहियाओं ने जताई खुशी
कार्यशाला में शामिल सहिया साथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब विभाग ने उनके मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर गंभीरता से ध्यान दिया है। उन्होंने माना कि यह सत्र न केवल जागरूक करने वाला, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाला भी रहा। विशेषज्ञों ने दी मानसिक स्वास्थ्य व समुदाय आधारित समाधानों की जानकारी।
कार्यशाला में प्रमुख विशेषज्ञों की उपस्थिति रही
डॉ. शांतना कुमारी, राज्य कंसल्टेंट मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति आकाय मिंज, राज्य कार्यक्रम समन्वयक सहिया, डॉ. नाजिया कौसर, इन सभी ने मानसिक स्वास्थ्य की बुनियादी समझ, अध्ययन उपकरण , चुनौतियां और समुदाय आधारित समाधान पर विस्तृत जानकारी दी।

रांची के 6 प्रखंड और 1 शहरी क्षेत्र में होगा अध्ययन
कार्यक्रम में बताया गया कि सहियाओं के मानसिक स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, सेवा आवश्यकताओं और नीति-संबंधी दृष्टिकोण का आकलन करने के लिए यह अध्ययन रांची के 6 प्रखंडों और 1 शहरी क्षेत्र में किया जाएगा। इसके निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में प्रशिक्षण और मानसिक कल्याण योजनाएं तैयार की जाएंगी।
कार्यक्रम का सफल संचालन और आभार
कार्यशाला का संचालन और समापन जिला कार्यक्रम समन्वयक, श्रीमती प्रीति चौधरी ने किया। अंत में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम आयोजनकर्ताओं और विशेषज्ञों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उनके कार्य, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती को नई दिशा देंगे। रांची जिला स्वास्थ्य समिति का मानना है कि यह पहल सहियाओं के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती देगी, जिससे वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की अगुआ भी बन सकेंगी।




















