सरायकेला के ईचागढ़ में हाथियों का आतंक, फसलें बर्बाद, ग्रामीणों में दहशत

Meenu | July 23, 2026 | 02:23 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,सरायकेला : जिले के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खेत-खलिहान से लेकर गांवों तक हाथियों की आवाजाही से किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल है। आए दिन फसलों को नुकसान पहुंचने और हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, ईचागढ़ के पापरिदा और शालुकडीह गांव के आसपास दो दंतैल (टस्कर) हाथियों ने किसानों की खड़ी फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही हाथी जंगल से निकलकर गांवों की ओर आ जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहता है।

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घरों में घुसकर अनाज भी कर रहे हैं बर्बाद

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों के झुंड केवल खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों में प्रवेश कर घरों में रखे अनाज को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बरसात के मौसम में मिट्टी के मकानों को सबसे ज्यादा क्षति हो रही है। कई मामलों में हाथियों के धक्के से दीवारें गिरने के कारण घरों में सो रहे लोग घायल भी हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके का जनजीवन प्रभावित हो गया है।

वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने चांडिल वन क्षेत्र के अधिकारियों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से केवल मोबाइल नंबर, मोबिल (केरोसिन/डीजल आधारित सामग्री) और पटाखे उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन हाथियों को गांवों से दूर रखने के लिए कोई स्थायी या प्रभावी योजना नहीं बनाई गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने और प्रभावित किसानों को उचित सहायता एवं मुआवजा देने की मांग की है।

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