Samachar Post रिपोर्टर, दुमका : मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने का सपना देख रही 33 वर्षीय विनिता की शनिवार देर शाम मौत हो गई। वह दुमका के बंदरजोरी मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही थी। परिजनों के मुताबिक, NEET में लगातार सफलता नहीं मिलने के बाद वह लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थी। परिवार ने इलाज और काउंसिलिंग के जरिए उसे संभालने की कोशिश भी की थी। विनिता ने कोटा और पटना के कोचिंग संस्थानों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की थी। परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद परिवार के अनुसार उसका मन दूसरे करियर विकल्पों में नहीं लगा और उसकी मानसिक स्थिति लगातार प्रभावित होती गई।
डॉक्टर बनने का सपना, पिता ने पढ़ाई में की पूरी मदद
विनिता के पिता कैलाश रजक ने बेटी की पढ़ाई और उसके डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद उन्होंने उसे फिशरिज के क्षेत्र में करियर बनाने की सलाह दी। विनिता ने फिशरिज का प्रशिक्षण भी लिया, लेकिन परिवार के मुताबिक उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना ही था। परिजनों का कहना है कि वह किसी अन्य क्षेत्र में नौकरी करने के लिए तैयार नहीं थी। धीरे-धीरे मेडिकल में सफलता नहीं मिलने का असर उसकी मानसिक स्थिति पर दिखने लगा और वह अवसाद में चली गई।
इलाज और काउंसिलिंग के बावजूद नहीं हो सका सुधार
परिवार विनिता की मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित था। उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया और इलाज के साथ काउंसिलिंग भी कराई गई। परिजनों ने उसे समझाने और मानसिक रूप से संभालने की लगातार कोशिश की, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। कैलाश रजक ने बताया कि विनिता छह बहनों में तीसरे नंबर पर थी। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है और दोनों निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। विनिता ने शादी नहीं की थी। परिवार के अनुसार, वह कहती थी कि जब तक डॉक्टर नहीं बनेगी, तब तक शादी नहीं करेगी। पिता ने भी उस पर शादी का दबाव नहीं बनाया था।

मां की नौकरी के कारण दुमका में रह रहा था परिवार
कैलाश रजक अपनी तीन बेटियों के साथ दुमका के बंदरजोरी मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे। विनिता की मां बाल विकास परियोजना में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं कैलाश रजक छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कोल माइंस से अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार का मूल घर सहरसा में बताया गया है।
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कमरे से कोई जवाब नहीं मिलने पर बहनों ने दी सूचना
परिजनों के मुताबिक, शनिवार शाम घटना के समय विनिता की मां रांची गई हुई थीं, जबकि उसके पिता किसी काम से बाजार गए थे। घर में विनिता और उसकी दो छोटी बहनें थीं। बहनों ने बताया कि विनिता अपने कमरे में थी। कुछ देर बाद आवाज देने पर जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने कमरे में जाकर देखा और इसकी सूचना पिता को दी। इसके बाद कैलाश रजक ने नगर थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। रविवार को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार द्वारा मानसिक तनाव और NEET में असफलता को घटना से जोड़कर बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




















