Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के दुमका जिले के काठीकुंड में नाबालिग छात्रा के साथ हुई गंभीर घटना को लेकर सीता सोरेन ने दुख और आक्रोश जताया है। उन्होंने घटना को राज्य में बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन से त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र के सांसद और विधायकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। सीता सोरेन ने मांग की कि घटना में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और स्पीडी ट्रायल के जरिए पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले। उन्होंने कहा कि दोष साबित होने पर आरोपियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सांसद और विधायकों की चुप्पी पर उठाए सवाल
सीता सोरेन ने घटना पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया नहीं आने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद क्षेत्र के सांसद और विधायक मौन क्यों हैं। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हों और न्याय की मांग को मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल चुनाव के समय जनता के बीच जाना नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में भी लोगों का साथ देना है। ऐसी संवेदनशील घटना पर उनकी चुप्पी से जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।

पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग
सीता सोरेन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले में सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को गंभीरता से काम करना चाहिए।
‘बेटियों की सुरक्षा राजनीति से ऊपर’
सीता सोरेन ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और महिलाओं तथा बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना जरूरी है। उन्होंने काठीकुंड की घटना में त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। उन्होंने स्थानीय सांसदों और विधायकों से भी चुप्पी तोड़कर पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की। सीता सोरेन के मुताबिक, बेटियों की सुरक्षा राजनीति से ऊपर का विषय है और इस पर सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।




















