DSPMU में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, 1 छात्र के लिए 4 शिक्षक; कॉमर्स के 827 छात्रों के लिए एक भी टीचर नहीं

Rupa Kumari | May 8, 2026 | 12:26 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची कॉलेज से विश्वविद्यालय बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में शिक्षक और छात्रों के अनुपात को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय की हालिया रिपोर्ट में कई विभागों में संसाधनों के असंतुलन और शैक्षणिक अव्यवस्था की तस्वीर सामने आई है।

बांग्ला और ओड़िया विभाग में छात्र कम, शिक्षक ज्यादा

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्ला विभाग में यूजी स्तर पर एक भी छात्र नामांकित नहीं है, जबकि पीजी में सिर्फ 1 छात्र पढ़ाई कर रहा है। इसके बावजूद विभाग में 4 शिक्षकीय पद स्वीकृत हैं। इनमें 2 असिस्टेंट प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर और 1 प्रोफेसर का पद शामिल है। इसी तरह ओड़िया विभाग में यूजी में 1 और पीजी में 3 छात्र हैं, लेकिन यहां भी 4 शिक्षकों के पद सृजित हैं। इससे विश्वविद्यालय की अकादमिक योजना और संसाधन प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।

यह भी पढ़ें: झारखंड के 8 खिलाड़ी पहनेंगे टीम इंडिया की जर्सी, महिला टीम में 6 खिलाड़ियों का चयन

BBA-MBA और MCA गेस्ट फैकल्टी के भरोसे

वहीं दूसरी ओर प्रोफेशनल कोर्सेज की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में यूजी के 462 और पीजी के 92 छात्र अध्ययनरत हैं। कंप्यूटर एप्लिकेशन विभाग में यूजी के 243 और पीजी के 144 छात्र हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के बावजूद इन विभागों में स्थायी शिक्षकों के पद न तो स्वीकृत हैं और न ही सृजित किए गए हैं। BBA, MBA और MCA जैसे प्रोफेशनल कोर्स फिलहाल पूरी तरह गेस्ट फैकल्टी के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इसी बीच कॉमर्स विभाग में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर ‘सेल्फ फाइनेंस’ के नाम पर ली जा रही भारी फीस को वापस लेने और कम करने की मांग की है।

204 पदों तक बढ़ेगी संख्या

लगातार उठ रहे सवालों और विरोध के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। DSPMU में कुल पदों की संख्या 166 से बढ़ाकर 204 करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत 77 नए शैक्षणिक पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर तक के पद शामिल होंगे। इसके अलावा चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के पदों को समाप्त कर मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के जरिए काम कराने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

Share this news

संबंधित खबरें