Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : झरिया के कामिनी कल्याण इलाके में भू-धंसान के बाद जमीन पर पड़ी दरारों का दायरा महज 48 घंटे में बढ़ गया है। बस्ताकोला क्षेत्र के एरिया-9 में लगातार बढ़ती दरारों और घरों की दीवारों में आई दरारों से स्थानीय रैयतों में दहशत का माहौल है। अनहोनी की आशंका के बीच कई परिवार रात में अपने घर छोड़कर सड़क पर निकल आए। रात के समय अचानक घरों से बाहर निकलने के कारण इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन खासे चिंतित नजर आए।
जमीन और दीवारों में बढ़ रही दरारें
रैयतों के अनुसार, पिछले दो दिनों में जमीन पर आई दरारें तेजी से बढ़ी हैं। कुछ घरों की दीवारों में भी दरारें दिखाई देने लगी हैं। स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों ने बीसीसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताई है। रैयतों ने प्रशासन और बीसीसीएल से तत्काल सुरक्षा उपाय करने के साथ स्थायी पुनर्वास की मांग की है।

देर शाम पहुंची बीसीसीएल और पुलिस की टीम
रैयतों की सूचना के बाद सोमवार देर शाम बीसीसीएल के अधिकारी, सीआईएसएफ और स्थानीय थाना की पुलिस कामिनी कल्याण पहुंची। अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का जायजा लिया और रैयतों से बातचीत की। इस दौरान मेयर संजीव सिंह के समर्थक मनोज गोप के नेतृत्व में अधिकारियों और रैयतों के बीच कई घंटे तक त्रिपक्षीय वार्ता हुई।
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बेहतर पुनर्वास का बीसीसीएल ने दिया भरोसा
बैठक में बीसीसीएल अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि बीसीसीएल, जेआरडीए और जेएमपी के प्रावधानों के तहत उनके बेहतर पुनर्वास की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी। अधिकारियों ने इलाके की स्थिति का जायजा लेने के बाद रैयतों की समस्याओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिया। लगातार बढ़ती दरारों के बीच अब प्रभावित परिवारों की नजर प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से उठाए जाने वाले ठोस कदमों पर है। इलाके में भू-धंसान की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा और पुनर्वास की मांग लगातार तेज हो रही है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

