धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में मारपीट, डुमरी विधायक और मुखिया समर्थकों में हुआ विवाद

Meenu | August 22, 2026 | 11:46 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,धनबाद : बरवाअड्डा थाना परिसर में शुक्रवार देर शाम फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनवाने के मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोपी की पैरवी करने पहुंचे डुमरी विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। घटना के बाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया के बेटे प्रदीप कुमार रजक ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि विवाद के दौरान उनका गला दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर कराने की मांग की है।

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फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनवाने का मामला

मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ापिछरी पंचायत से जुड़ा है। पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने ग्रामीण गणेश दास पर उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र और वंशावली बनवाने का आरोप लगाया था। इस मामले में बरवाअड्डा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपी गणेश दास को गिरफ्तार कर थाने लाया था।

आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना पर थाना पहुंचे विधायक

बताया गया कि आरोपी के समर्थन में जेएलकेएम नेताओं ने डुमरी विधायक जयराम महतो को सूचना दी कि थाने में गणेश दास के साथ मारपीट की जा रही है। इसके बाद विधायक ने थाना प्रभारी से फोन पर नाराजगी जताई और बाद में खुद बरवाअड्डा थाना पहुंच गए। थाना पहुंचने के बाद विधायक की थाना प्रभारी समेत पुलिस अधिकारियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत और बहस हुई।

विधायक के पहुंचने की जानकारी पर थाना पहुंचे मुखिया समर्थक

विधायक के थाना पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में मुखिया समर्थक भी थाना परिसर पहुंच गए। उन्होंने विधायक से सवाल किया कि फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनवाने के आरोपी की पैरवी क्यों की जा रही है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और थाना परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई।

मुखिया पुत्र ने लगाया गला दबाने का आरोप

मुखिया के बेटे प्रदीप कुमार रजक ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और विधायक जयराम महतो ने उनका गला दबाने की कोशिश की। प्रदीप के मुताबिक, इस दौरान उनके गले से खून निकलने लगा और कुछ समय के लिए सांस लेने में भी परेशानी हुई। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

CCTV फुटेज से सामने आ सकता है घटनाक्रम

बरवाअड्डा थाना परिसर में हुई इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। एक तरफ फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में आरोपी की पैरवी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुखिया पुत्र ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और हाथापाई की शुरुआत किस ओर से हुई।

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