Samachar Post रिपोर्टर, रांची : केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पड़ी एक-एक लाठी का जवाब देना होगा। संजय सेठ ने दावा किया कि छात्रों ने बिना हिंसा, पत्थरबाजी या किसी तरह के सांप्रदायिक विवाद के करीब 25 दिनों तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया। इसके बावजूद उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार ने ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति अपनाई।
कई जिलों में लाठीचार्ज का आरोप
संजय सेठ के अनुसार, छात्रों ने पहले ही मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की सूचना दी थी। इसके बावजूद रांची, गिरिडीह, हजारीबाग और गढ़वा में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने घटनाओं के वीडियो फुटेज देखे हैं और कुछ फुटेज में छात्रों के साथ कथित मारपीट के दृश्य सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज के जरिए छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पतालों पर दबाव का भी लगाया आरोप
संजय सेठ ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान घायल छात्रों के इलाज को लेकर कुछ अस्पतालों के निदेशकों और सिविल सर्जन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ जगह घायल छात्रों को जल्द डिस्चार्ज करने के लिए दबाव डाला गया और अधिकारियों को कार्रवाई की धमकी दी गई। उन्होंने इस कथित दबाव की भी जांच कराने की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बावजूद उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उन्होंने राहुल गांधी से रांची आकर घायल छात्रों से मिलने की अपील की और इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
JPSC मामले में सरकार से पूछे सवाल
संजय सेठ ने JPSC की कार्यप्रणाली और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी नीलिमा करकेट्टा के वर्ष 2024 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि JPSC की कार्यप्रणाली और परीक्षा परिणामों से जुड़ी कथित कमियों की जानकारी सरकार को दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि पत्र मिलने के बावजूद इतने लंबे समय तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
परीक्षा घोटाले में बड़े नेटवर्क का आरोप
संजय सेठ ने परीक्षा से जुड़े कथित धांधली के मामले में अरुण कुमार और संबंधित एजेंसियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित लेन-देन से जुड़े साक्ष्य और फुटेज सामने आने के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि करीब 100 अभ्यर्थियों को पटना ले जाकर परीक्षा के उत्तर तैयार कराने जैसी गतिविधियां हुईं। हालांकि, ये सभी आरोप संजय सेठ की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

‘सेटर्स’ फिल्म और वित्तीय लेनदेन की जांच की मांग
संजय सेठ ने अरुण कुमार से कथित रूप से जुड़े ‘सेटर्स’ फिल्म का भी जिक्र किया। उन्होंने फिल्म के निर्माण में लगे धन और उसके स्रोत की जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने बिहार में वर्ष 2019 में संबंधित एजेंसियों पर लगाए गए प्रतिबंध और उत्तर प्रदेश में TDPL को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद झारखंड में काम मिलने के कारणों की भी जांच की मांग की।
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तीन प्रमुख मांगें रखीं
प्रेस वार्ता के अंत में संजय सेठ ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने पूरे परीक्षा प्रकरण की CBI जांच, ‘सेटर्स’ फिल्म और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच तथा छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की फुटेज के आधार पर पहचान कर FIR और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई का जवाब तय होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

