Samachar Post रिपोर्टर, देवघर : भादो पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे भक्तों ने विधि-विधान से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। अनुमान है कि पूरे दिन में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में जल अर्पित किया।
भादो पूर्णिमा पर विशेष पूजा का धार्मिक महत्व
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रशेखर खवाड़े के अनुसार, भादो पूर्णिमा बाबा बैद्यनाथ की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन स्थानीय परंपरा के तहत जिन परिवारों के घर गौ माता होती है, वे गौ माता के पहले दूध से बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक करते हैं। इस विशेष परंपरा को निभाने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचे और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।

पितृ पक्ष शुरू होने से पहले उमड़ी भक्तों की भीड़
चंद्रशेखर खवाड़े ने बताया कि भादो पूर्णिमा के अगले दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, इसलिए उससे पहले भक्त बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक को विशेष महत्व देते हैं। यही वजह रही कि मंदिर परिसर, शिवगंगा और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना के साथ बाबा का जलाभिषेक किया।
गौ माता के पहले दूध से अभिषेक की परंपरा क्या है?
देवघर की इस प्राचीन परंपरा के अनुसार, जिन घरों में गाय होती है, उसके प्रसव के बाद प्राप्त पहले दूध को अत्यंत पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु उसी दूध से बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक कर परिवार की समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना करते हैं। भादो पूर्णिमा पर इस परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।




















