Samachar Post रिपोर्टर, रांची : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी IAS अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च अदालत ने ईडी की विशेष अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को रद्द करने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही अब उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई जारी रहेगी। पूजा सिंघल ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक अभियोजन स्वीकृति नहीं ली गई। उन्होंने ईडी की विशेष अदालत द्वारा 2022 में लिए गए संज्ञान को भी रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस चरण पर विशेष अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
अभियोजन स्वीकृति पर दोनों पक्षों की दलील
सुनवाई के दौरान पूजा सिंघल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने दलील दी कि भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पूर्व स्वीकृति आवश्यक है, जो इस मामले में नहीं ली गई। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि विशेष अदालत वर्ष 2022 में ही मामले का संज्ञान ले चुकी थी और न्यायिक प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो चुकी है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद ईडी की विशेष अदालत में पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी। अदालत ने फिलहाल अभियोजन स्वीकृति के आधार पर संज्ञान आदेश को निरस्त नहीं किया है।



















