Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : सोनारी इलाके में 26 सितंबर को हुई फायरिंग के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस को जमीन विवाद और आपसी रंजिश से जुड़े कुछ सुराग मिले हैं। मामले में गणेश सिंह गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फायरिंग की पूरी वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।
घायल रिजवान को फोन कर बुलाने की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, घटना से एक दिन पहले गणेश सिंह ने घायल रिजवान को किसी काम के सिलसिले में फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। इसके अगले दिन सोनारी इलाके में फायरिंग की घटना हुई। पुलिस इस फोन कॉल और उसके बाद हुए घटनाक्रम के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है। फिलहाल मामले को जमीन विवाद, पुरानी रंजिश और गिरोह से जुड़े एंगल से देखा जा रहा है। फायरिंग मामले में अजीत मंडल का नाम सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, अजीत मंडल का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड और पूर्व के मामलों में उसकी कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि सोनारी फायरिंग में उसकी भूमिका स्पष्ट की जा सके।
अमरनाथ सिंह हत्याकांड में भी नाम सामने आया था
पुलिस के अनुसार, अजीत मंडल पर जरमुंडी थाना क्षेत्र में जमशेदपुर के गैंगस्टर अमरनाथ सिंह की हत्या से जुड़े मामले में आरोप लगे थे। इसके अलावा 16 जुलाई को जमशेदपुर कोर्ट के बाहर एक नाबालिग के अपहरण के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। हालांकि, इन मामलों में किसी व्यक्ति की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
मनोज यादव समेत अन्य आरोपियों की भी जांच
गोलीबारी मामले में एक अन्य आरोपी मनोज यादव का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और फायरिंग की घटना में संभावित भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही गोलीबारी की वजह और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।



















