सरायकेला: 25 करोड़ से बना नया चांडिल अनुमंडल अस्पताल तैयार, लेकिन मरीजों को अब भी नहीं मिल रही सुविधा

Rupa Kumari | August 17, 2026 | 12:03 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के गांगुडीह में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नया चांडिल अनुमंडल अस्पताल भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अभी तक आम जनता के लिए शुरू नहीं किया गया है। इसके कारण क्षेत्र के मरीजों को पुराने और जर्जर अस्पताल भवन में इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

पुराने अस्पताल में सुविधाओं का अभाव

वर्तमान में संचालित अनुमंडल अस्पताल में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी बताई जा रही है। 50 बेड की आवश्यकता के बावजूद पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और लैब जैसी सुविधाओं के संचालन का कोई निर्धारित समय नहीं है। वर्षों से सोलर सिस्टम खराब पड़ा है। हाईमास्ट लाइट के सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हैं। खुले में पड़े पोलियो डिब्बों में वर्षा का पानी जमा होने से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। छह एम्बुलेंस की जरूरत के मुकाबले केवल एक एम्बुलेंस ही संचालित है। 13 डॉक्टरों की आवश्यकता के स्थान पर सीमित चिकित्सक उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

2008 में शुरू हुई थी परियोजना

नए अस्पताल भवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में तत्कालीन विधायक स्वर्गीय सुधीर महतो ने कराया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत 6.10 करोड़ रुपये थी और इसे 2012 तक पूरा किया जाना था। हालांकि वित्तीय और निर्माण संबंधी कारणों से परियोजना लंबे समय तक अधूरी रही।बाद में 2019 में मरम्मत के लिए नई निविदा जारी हुई, लेकिन वह भी पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद ईचागढ़ विधायक सविता महतो के प्रयासों से दिसंबर 2023 में लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ। वर्तमान में अस्पताल भवन लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो चुका है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया भवन

नए अस्पताल में निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं:

  • 50 बेड की क्षमता
  • ऑपरेशन थिएटर (OT)
  • आधुनिक लैब
  • लेबर रूम
  • एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड सुविधा
  • डॉक्टरों और नर्सों के लिए आवासीय क्वार्टर

दुर्घटना बहुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण

चांडिल क्षेत्र से होकर एनएच-32 का लगभग 30 किलोमीटर और एनएच-33 का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा गुजरता है। इन मार्गों पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अस्पताल शुरू नहीं होने के कारण गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के MGM अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। सरायकेला-खरसावां के सिविल सर्जन के अनुसार, भवन निर्माण विभाग अस्पताल भवन को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर चुका है। उद्घाटन के लिए उपायुक्त और स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय को पत्र भेजा गया है। उद्घाटन के बाद अस्पताल में सेवाएं शुरू की जाएंगी।

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स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि जब आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल पूरी तरह तैयार है, तो इसे जल्द से जल्द चालू किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि अस्पताल शुरू होने से चांडिल और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

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