Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : बोकारो सेक्टर-4 स्थित सूर्य सरोवर तालाब में रहस्यमय परिस्थितियों में हजारों मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। तालाब की सतह पर बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां दिखाई दे रही हैं। इससे आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल गई है और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। मछलियों की मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराने के साथ तालाब की तत्काल सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
जहर डालने की आशंका, प्रदूषण की भी चर्चा
मछलियों की मौत को लेकर स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ लोगों को संदेह है कि तालाब के पानी में किसी ने जहरीला पदार्थ डाला होगा, जबकि कुछ लोग पानी के प्रदूषित होने को इसकी संभावित वजह मान रहे हैं। स्थानीय निवासी डालो यादव ने मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि मछलियों की मौत जहरीला पदार्थ डालने से हुई है या तालाब का पानी प्रदूषित होने के कारण। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियों के कारण आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल रही है। हालांकि, मछलियों की मौत का वास्तविक कारण जांच और पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

विश्वकर्मा पूजा के दौरान तालाब में हुई थी गाड़ियों की धुलाई
स्थानीय निवासी महावीर मांझी ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा के दिन बड़ी संख्या में गाड़ियों को इसी तालाब में धोया गया था। इस दौरान डिटर्जेंट का इस्तेमाल भी किया गया था। उन्होंने आशंका जताई कि पानी में डिटर्जेंट या अन्य प्रदूषक तत्व जाने से भी मछलियों की मौत हो सकती है। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
छठ पूजा से पहले सफाई और पानी की जांच की मांग
सूर्य सरोवर तालाब का इस्तेमाल छठ पूजा के दौरान भी किया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, छठ पूजा से पहले बोकारो स्टील प्रबंधन की ओर से तालाब की सफाई कराई जाती है। लोगों का कहना है कि फिलहाल तालाब में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां पड़ी हैं और पानी की स्थिति भी चिंताजनक नजर आ रही है। ऐसे में छठ पूजा से पहले मृत मछलियों को तत्काल हटाने के साथ पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए।
तालाब की नीलामी नहीं हुई, फिर मछली पालन पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, सूर्य सरोवर तालाब की नीलामी नहीं हुई है। इसके बावजूद किसी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर तालाब में मछलियों का जीरा डाले जाने की बात सामने आ रही है। मछलियों की मौत के बाद कुछ लोगों द्वारा उन्हें तालाब से निकालकर ले जाने की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने मृत मछलियों के सेवन को लेकर भी चिंता जताई है और इसे रोकने के लिए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

जांच से ही सामने आएगा मौत का असली कारण
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी और मृत मछलियों के नमूनों की जांच से ही यह पता चल सकेगा कि मौत की वजह जहरीला पदार्थ, प्रदूषण या कोई अन्य कारण है। लोगों ने तालाब की तत्काल सफाई कराने और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है, ताकि छठ पूजा से पहले तालाब को सुरक्षित बनाया जा सके।


















