Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड स्थित कुलगो गांव में ग्रामीणों की पहल से संचालित ग्रामीण जनता उच्च विद्यालय शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रयास की मिसाल बना है। ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग से स्थापित इस विद्यालय में फिलहाल 140 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में छह शिक्षक बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, जिनके मानदेय की व्यवस्था डुमरी विधायक जयराम महतो अपने निजी वेतन से करते हैं।
ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग से की थी स्कूल की स्थापना
कुलगो गांव के ग्रामीणों ने बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए आपसी सहयोग और आर्थिक योगदान से विद्यालय की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य गांव के बच्चों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा उपलब्ध कराना और पढ़ाई के लिए दूर जाने की परेशानी से बचाना था। ग्रामीणों की इस पहल से शुरू हुआ विद्यालय आज भी बच्चों को शिक्षित करने की दिशा में काम कर रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद स्कूल में पढ़ाई जारी रहना गांव के लोगों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।
कोरोना काल के बाद बिगड़ गई थी विद्यालय की स्थिति
कोरोना काल के बाद विद्यालय की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। संसाधनों की कमी और आर्थिक परेशानियों के कारण स्कूल का संचालन मुश्किल हो रहा था। ऐसे समय में विधायक जयराम महतो का सहयोग विद्यालय के लिए मददगार साबित हुआ। विद्यालय के प्रिंसिपल अमित कुमार सिंह के अनुसार, कोरोना काल के बाद स्कूल की स्थिति बेहद खराब हो गई थी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण संचालन चुनौतीपूर्ण हो गया था। विधायक के निजी वेतन से शिक्षकों के मानदेय की व्यवस्था होने के बाद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली।
ग्रामीणों की पहल और सहयोग से कायम है उम्मीद
ग्रामीण जनता उच्च विद्यालय में 140 बच्चों की पढ़ाई और छह शिक्षकों की भूमिका गांव के लोगों के शिक्षा के प्रति संकल्प को दिखाती है। ग्रामीणों ने अपने प्रयासों से विद्यालय की नींव रखी, जबकि विधायक के सहयोग से शिक्षकों के मानदेय की व्यवस्था की जा रही है। यह विद्यालय इस बात का उदाहरण है कि सामूहिक प्रयास और सहयोग से सीमित संसाधनों के बीच भी बच्चों की शिक्षा जारी रखने की कोशिश की जा सकती है।




















