Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के किसानों के कृषि उत्पादों को दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने की पहल के तहत शकरकंद की आपूर्ति पटना और दिल्ली में की गई है। सरजोम्बा एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से पिछले पांच दिनों में शकरकंद की दो खेप पटना भेजी गईं, जिनकी कुल मात्रा 4.5 मीट्रिक टन बताई गई है। इसके अलावा, सरजोम्बा एफपीसी (किसान उत्पादक कंपनी) ने दिल्ली के एक खरीदार को 1.5 मीट्रिक टन शकरकंद की आपूर्ति की। इस पहल का उद्देश्य किसानों को स्थानीय बाजारों से आगे अपने उत्पाद बेचने के अवसर उपलब्ध कराना है।
पटना भेजी गईं शकरकंद की दो खेप
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को एग्री अर्जुन के माध्यम से सरजोम्बा एफपीओ से जुड़ी शकरकंद की खेप पटना भेजी गई। इसी दिन पटना के लिए अतिरिक्त तीन मीट्रिक टन शकरकंद की आपूर्ति भी की गई। बताया गया है कि पांच दिनों के भीतर पटना के लिए भेजी गई दो खेपों की कुल मात्रा 4.5 मीट्रिक टन रही। इससे किसानों के उत्पादों को दूसरे राज्य के बाजार तक पहुंचाने में मदद मिली है।

दिल्ली के खरीदार को भी भेजी गई 1.5 टन शकरकंद
पटना के अलावा दिल्ली में भी झारखंड की शकरकंद के लिए खरीदार मिला है। सरजोम्बा एफपीसी ने दिल्ली के खरीदार शबरी एआई को 1.5 मीट्रिक टन शकरकंद भेजी। इस बाजार संपर्क को स्थापित करने में SETU सेल के सदस्यों ने सहयोग किया। इसके माध्यम से किसानों और दूसरे राज्यों के खरीदारों के बीच व्यावसायिक संपर्क बनाने का प्रयास किया गया है।
किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ने की पहल
एफपीओ और एफपीसी के जरिए कृषि उत्पादों की सामूहिक बिक्री किसानों को स्थानीय बाजारों से आगे पहुंचने का अवसर दे सकती है। पटना और दिल्ली जैसे शहरों में शकरकंद की आपूर्ति से किसानों के लिए नए खरीदारों तक पहुंच बनाने की संभावना बढ़ी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में शकरकंद का बिक्री मूल्य, उत्पादन क्षेत्र और किसानों को हुई वास्तविक आय का विवरण नहीं दिया गया है। इन आंकड़ों से ही इस पहल के आर्थिक लाभ का आकलन किया जा सकेगा।


















