Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर बुधवार को रांची की विशेष PMLA अदालत में दोबारा सुनवाई हो रही है। सुबह 11.30 बजे सुनवाई शुरू हुई। कार्यवाही के दौरान अदालत ने मुख्यमंत्री को शाम 4.15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पेश होने का निर्देश दिया है। इसके बाद आरोप गठन के मुद्दे पर फिर सुनवाई होगी। 30 सितंबर को आरोप गठन की तारीख पहले ही तय की जा चुकी थी।
17 आरोपितों में 16 के खिलाफ आरोप गठित
बड़गाईं जमीन मामले में कुल 17 आरोपित हैं। इनमें से 16 आरोपितों के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं और हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया बाकी है। विशेष PMLA अदालत ने 24 सितंबर को सुनवाई टालते हुए मुख्यमंत्री को मामले से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय दिया था और 30 सितंबर को दोबारा पेश होने का निर्देश दिया था। मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं। ये आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
आरोप गठन की कार्यवाही के खिलाफ हाईकोर्ट भी गए हैं हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन ने आरोप गठन की कार्यवाही को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट का भी रुख किया है। इससे पहले हाईकोर्ट में उनकी ओर से निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक और अन्य कानूनी राहत की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को संबंधित याचिका पर आदेश पारित किया था। अब सभी की नजरें विशेष PMLA अदालत में होने वाली आज की सुनवाई पर टिकी हैं। शाम 4.15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री की पेशी के बाद आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर आगे की कार्यवाही होगी।





















