Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ CISF की NTPC-CMP हजारीबाग इकाई ने विशेष अभियान चलाया। CISF के मुताबिक, 18 सितंबर की शाम से 19 सितंबर की दोपहर तक चले अभियान में सेहंदा के सुदूर वन क्षेत्र और मोईत्रा घाटी से कुल 280.76 मीट्रिक टन अवैध रूप से भंडारित कोयला जब्त किया गया। जब्त कोयले को 10 हाईवा वाहनों से NTPC के कांटा घर पहुंचाकर वजन कराया गया।
100 जवानों की टीम ने चलाया अभियान
CISF के अनुसार, यह अभियान वरिष्ठ कमांडेंट विवेक शर्मा के निर्देशन और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार मीणा की मौजूदगी में चलाया गया। कार्रवाई के लिए करीब 100 जवानों को अलग-अलग टीमों में तैनात किया गया था। अभियान 18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ और 19 सितंबर की दोपहर तक जारी रहा। टीमों ने चिन्हित इलाकों में अवैध रूप से भंडारित कोयले के खिलाफ कार्रवाई की। CISF ने बताया कि इकाई से करीब 50 किलोमीटर दूर सेहंदा के सुदूर वन क्षेत्र में कार्रवाई की गई। वहीं, इकाई से करीब 20 किलोमीटर दूर मोईत्रा घाटी में भी अवैध कोयले के खिलाफ अभियान चलाया गया। दोनों जगहों से बरामद कोयले को हाईवा वाहनों में लोड कर NTPC के कांटा घर पहुंचाया गया, जहां उसका वजन कराया गया।
कार्रवाई रोकने के लिए भीड़ जुटने का दावा
CISF के मुताबिक, सेहंदा में जब्त कोयले को ले जाने के लिए हाईवा वाहन पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने भीड़ जुटा ली। बल का दावा है कि भीड़ ने कार्रवाई में बाधा डालने और जब्त कोयले के परिवहन को रोकने का प्रयास किया। जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए लोगों को समझाया और रास्ता खाली कराया। इसके बाद जब्त कोयले को NTPC कांटा घर पहुंचाया गया। CISF के अनुसार, मोईत्रा घाटी में भी कुछ लोगों के जरिए मार्ग अवरुद्ध करने और जब्त कोयले के परिवहन को रोकने का प्रयास किया गया। बल के मुताबिक, स्थिति नियंत्रित करने के बाद रास्ता खाली कराया गया और कोयले को वाहनों से कांटा घर पहुंचाया गया।
10 हाईवा से पहुंचा 280.76 टन कोयला
CISF ने बताया कि दोनों स्थानों से जब्त कोयले को कुल 10 हाईवा वाहनों में लादकर NTPC कांटा घर ले जाया गया। वजन कराने पर कोयले की कुल मात्रा 280.76 मीट्रिक टन पाई गई। बल के अनुसार, कार्रवाई खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के संशोधित प्रावधानों के तहत प्राप्त वैधानिक अधिकारों के अनुसार की गई। CISF ने कहा कि अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बल के मुताबिक, प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर रोक लगाने और क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।





















