Samachar Post रिपोर्टर,पलामू : शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को मेदिनीनगर के टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों और विषयों में बेहतर कार्य करने वाले जिले के 43 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से ‘पलामू पाठशाला’ यूट्यूब चैनल का भी शुभारंभ किया।
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डॉ. राधाकृष्णन को नमन कर हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता समेत अन्य अधिकारियों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर शिक्षक सम्मान समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
‘पलामू पाठशाला’ के जरिए बच्चों तक पहुंचेगी पढ़ाई
उपायुक्त ने माउस पर क्लिक कर ‘पलामू पाठशाला’ यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाना है। चैनल पर विभिन्न विषयों के शिक्षकों के व्याख्यान रिकॉर्ड कर अपलोड किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को विषयवार अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। ‘पलामू पाठशाला’ के माध्यम से उन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां विषयवार शिक्षकों की कमी है। डिजिटल माध्यम से एक शिक्षक की पढ़ाई अधिक संख्या में विद्यार्थियों तक पहुंच सकेगी। इस पहल से बच्चों को स्कूल के अलावा भी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी के लिए शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, भविष्य भी बनाते हैं- DC
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने अपने जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को याद किया। उन्होंने अपने गुरु कमलेश पटेल और रसायन विज्ञान के शिक्षक किशोर परमार का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले की वास्तविक ताकत उसका मानव संसाधन होता है और इसके विकास के लिए बेहतर शिक्षा आवश्यक है।
बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की बड़ी भूमिका
उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने की जिम्मेदारी नहीं निभाते, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्व को केवल नौकरी के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण के अवसर के रूप में लेने की अपील की। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक संघ के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

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