Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता और नियुक्ति घोटाले से जुड़े मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव एवं JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को CID की विशेष अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में एल ख्यांग्ते के अलावा पवन सिंह, श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी और सौरभ सुमन की बेल याचिका पर भी सुनवाई होनी है।
10 अगस्त को गिरफ्तार हुए थे एल ख्यांग्ते
CID ने एल ख्यांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। आरोप है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL के चयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और उन्हें कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये कमीशन मिलने की बात जांच में सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद CID ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी मामले की जांच के दौरान एल ख्यांग्ते समेत कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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अभय तिवारी के बयान में ख्यांग्ते का नाम
CID के मुताबिक, मामले के कथित मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान दिए अपने स्वीकारोक्ति बयान में एल ख्यांग्ते की कथित भूमिका का जिक्र किया है। आरोप है कि तिवारी ने TDPL को परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के रूप में चयन किए जाने में ख्यांग्ते की भूमिका की बात कही है। हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी के दावों और केस की जांच पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। अब सभी की नजर CID की विशेष अदालत में होने वाली जमानत सुनवाई पर है। अदालत के फैसले से आरोपियों की आगे की न्यायिक स्थिति स्पष्ट होगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

