तेज बारिश में प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे सैकड़ों नवनियुक्त कर्मचारी, नौकरी बचाने के लिए आंदोलन का ऐलान

Meenu | August 18, 2026 | 12:31 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2014 से अब तक आयोजित JSSC और JPSC की सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद चयनित और कार्यरत कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। JSSC-CGL के माध्यम से चयनित होकर विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने इस फैसले के खिलाफ मंगलवार को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों कर्मचारी प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सोमवार देर रात से ही कर्मचारी यहां मौजूद हैं। मंगलवार सुबह राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित कर्मचारियों के भी प्रदर्शन में शामिल होने से संख्या बढ़ गई।

यह भी पढ़ें : झारखंड में ईद-मिलाद-उन-नबी को लेकर अलर्ट, संवेदनशील जिलों में बढ़ेगी निगरानी

नौकरी बचाने के लिए आंदोलन की तैयारी

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के फैसले से उनके भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता पैदा हो गई है। उनका दावा है कि उन्होंने निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की और नियुक्ति के बाद अपने पदों पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी सेवाओं को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। कर्मचारी अपनी मांग को लेकर आगे चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार करने की बात भी कह रहे हैं।

दफ्तर जाने पर रोक नहीं, लेकिन भविष्य को लेकर असमंजस

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, फिलहाल उन्हें कार्यालयों में काम करने से आधिकारिक तौर पर नहीं रोका गया है। हालांकि, परीक्षाओं को लेकर सरकार की घोषणा के बाद कर्मचारियों के बीच नौकरी की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित कर्मचारियों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा और असंतोष का माहौल है।

‘गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर हो कार्रवाई’

प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे एक नवनियुक्त कर्मचारी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि कहीं अनियमितता हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। कर्मचारी का कहना है कि कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के बजाय पूरी चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने से उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा पास की है।

सरकार से स्पष्ट निर्णय की मांग

प्रदर्शनकारी कर्मचारी सरकार से अपनी सेवा और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट स्थिति बताने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी की जांच अलग विषय है, लेकिन उसका असर उन अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए जिनकी नियुक्ति हो चुकी है और जो वर्तमान में सरकारी सेवा में काम कर रहे हैं। भारी बारिश के बीच जारी प्रदर्शन के साथ कर्मचारियों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

Share this news

संबंधित खबरें