सचिवालय से सड़क तक: JSSC-CGL अभ्यर्थियों का प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन, परीक्षा रद्द करने के फैसले पर उठे सवाल

Meenu | August 18, 2026 | 11:10 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार को JSSC-CGL परीक्षा को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे और परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी चयन प्रक्रिया पूरी करने और सफलता हासिल करने के बाद उन्हें नियुक्ति मिली थी। ऐसे में परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने उनके भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।

प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन, मंत्रालय में प्रवेश को लेकर नाराजगी

मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिली। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें प्रोजेक्ट भवन के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले तक वे इसी सचिवालय में कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे, लेकिन अब नौकरी के भविष्य को लेकर उन्हें सड़क पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

‘कड़ी मेहनत के बाद मिली थी नौकरी’

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने JSSC-CGL की चयन प्रक्रिया में शामिल होकर कड़ी मेहनत की और इसके बाद सफलता हासिल की। उनका कहना है कि कई उम्मीदवारों ने इस नियुक्ति पर भरोसा करते हुए केंद्र सरकार या दूसरे राज्यों की नौकरियां तक छोड़ दी थीं। एक अभ्यर्थी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कल तक वे प्रोजेक्ट भवन में सरकारी जिम्मेदारियां निभा रहे थे, लेकिन अब उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है।

परीक्षा रद्द करने के फैसले पर अभ्यर्थियों के सवाल

अभ्यर्थियों का मुख्य सवाल परीक्षा और चयन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है। उनका कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या खामी सामने आई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि किसी प्रक्रिया में गड़बड़ी की स्थिति में दोषी लोगों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि सफल अभ्यर्थियों के भविष्य को पूरी तरह अनिश्चित नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार से सीधी बातचीत की मांग

अभ्यर्थियों ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों से सीधे बातचीत की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को उनकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और उनके भविष्य को लेकर ठोस निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे चाहते हैं कि उनकी बात सुनी जाए और परीक्षा एवं नियुक्ति से जुड़े पूरे मामले पर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर स्पष्टता लाई जाए।

बहाली के आश्वासन तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने कहा है कि जब तक सरकार उनके मामले में स्पष्ट निर्णय नहीं लेती और नौकरी को लेकर आश्वासन नहीं देती, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया पर भरोसा करके अपने करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। अब वे सरकार से अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल क्या?

पूरे विवाद के बीच चयनित अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके रोजगार और भविष्य का है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि सरकार पूरे मामले की समीक्षा करे और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए, लेकिन चयन प्रक्रिया में सफल उम्मीदवारों के हितों पर भी विचार किया जाए। फिलहाल JSSC-CGL को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध जारी है और उनकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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