JPSC परीक्षा घोटाला: CID की बड़ी कार्रवाई, अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार, चयनित अभ्यर्थी भी जांच के घेरे में

Meenu | August 6, 2026 | 10:43 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में संयुक्त छापेमारी के दौरान पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। सीआईडी के अनुसार गिरफ्तार लोगों में जेपीएससी के अधिकारी, परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TDPL के निदेशक और कर्मचारी, चयनित अभ्यर्थी तथा कथित एजेंट शामिल हैं, जिन पर परीक्षा में अवैध तरीके अपनाने और नेटवर्क के जरिए सहायता उपलब्ध कराने के आरोप हैं। मामले की जांच अभी जारी है।

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किन-किन लोगों की हुई गिरफ्तारी

अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:

क्रमांकनामभूमिका / पद
1श्वेता कुमारी गुप्तातत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक, JPSC
2रामवीर सिंहTDPL के निदेशक
3मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारीTDPL के मार्केटिंग मैनेजर एवं मुख्य आरोपी
4मोहम्मद उस्मानतकनीकी प्रोग्रामर
5मोहम्मद एबादतकनीकी प्रोग्रामर
6हेमंत वर्माTDPL कर्मचारी
7प्रदीप कुमार सिंहTDPL कर्मचारी
8संजय कुमारTDPL कर्मचारी
9सोनू कुमारJPSC कर्मचारी
10अरविंद कुमारमुख्य आरोपी का सहयोगी
11सुमन सौरभचयनित अभ्यर्थी
12उमेश कुमारकथित एजेंट
13बुधेश्वर भगतकथित एजेंट
14रमेश कुमारकथित एजेंट
15उमाकांत उरांवचयनित अभ्यर्थी एवं कथित एजेंट
16रोशन केरकेट्टाचयनित अभ्यर्थी
17मनोज कुमारचयनित अभ्यर्थी
18धर्मेंद्र कुमारआरोपी
19रक्षक सिंहTDPL में अकाउंटेंट


CID जांच में क्या सामने आया

सीआईडी की जांच के अनुसार, उमाकांत उरांव पर 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफल होने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह अन्य अभ्यर्थियों को अवैध सहायता उपलब्ध कराने के लिए एजेंट के रूप में भी काम करता था। इसी तरह रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से अनुचित साधनों का उपयोग कर सफलता हासिल करने के आरोप लगे हैं। वहीं रक्षक सिंह, जो परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी TDPL में अकाउंटेंट था, उसके खिलाफ भी परीक्षा में कथित अनियमितता और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

नेटवर्क की गहराई से जांच जारी

सीआईडी पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को किस स्तर पर अंजाम दिया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

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