Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में संयुक्त छापेमारी के दौरान पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। सीआईडी के अनुसार गिरफ्तार लोगों में जेपीएससी के अधिकारी, परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TDPL के निदेशक और कर्मचारी, चयनित अभ्यर्थी तथा कथित एजेंट शामिल हैं, जिन पर परीक्षा में अवैध तरीके अपनाने और नेटवर्क के जरिए सहायता उपलब्ध कराने के आरोप हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
यह भी पढ़ें : पलामू में पुलिस मुठभेड़, हिरासत से भागने की कोशिश में आरोपी के पैर में लगी गोली
किन-किन लोगों की हुई गिरफ्तारी
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
| क्रमांक | नाम | भूमिका / पद |
|---|---|---|
| 1 | श्वेता कुमारी गुप्ता | तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक, JPSC |
| 2 | रामवीर सिंह | TDPL के निदेशक |
| 3 | मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी | TDPL के मार्केटिंग मैनेजर एवं मुख्य आरोपी |
| 4 | मोहम्मद उस्मान | तकनीकी प्रोग्रामर |
| 5 | मोहम्मद एबाद | तकनीकी प्रोग्रामर |
| 6 | हेमंत वर्मा | TDPL कर्मचारी |
| 7 | प्रदीप कुमार सिंह | TDPL कर्मचारी |
| 8 | संजय कुमार | TDPL कर्मचारी |
| 9 | सोनू कुमार | JPSC कर्मचारी |
| 10 | अरविंद कुमार | मुख्य आरोपी का सहयोगी |
| 11 | सुमन सौरभ | चयनित अभ्यर्थी |
| 12 | उमेश कुमार | कथित एजेंट |
| 13 | बुधेश्वर भगत | कथित एजेंट |
| 14 | रमेश कुमार | कथित एजेंट |
| 15 | उमाकांत उरांव | चयनित अभ्यर्थी एवं कथित एजेंट |
| 16 | रोशन केरकेट्टा | चयनित अभ्यर्थी |
| 17 | मनोज कुमार | चयनित अभ्यर्थी |
| 18 | धर्मेंद्र कुमार | आरोपी |
| 19 | रक्षक सिंह | TDPL में अकाउंटेंट |
CID जांच में क्या सामने आया
सीआईडी की जांच के अनुसार, उमाकांत उरांव पर 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफल होने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह अन्य अभ्यर्थियों को अवैध सहायता उपलब्ध कराने के लिए एजेंट के रूप में भी काम करता था। इसी तरह रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से अनुचित साधनों का उपयोग कर सफलता हासिल करने के आरोप लगे हैं। वहीं रक्षक सिंह, जो परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी TDPL में अकाउंटेंट था, उसके खिलाफ भी परीक्षा में कथित अनियमितता और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
सीआईडी पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को किस स्तर पर अंजाम दिया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

Reporter | Samachar Post

