युवाओं की मांगों पर सरकार गंभीर, बातचीत से निकलेगा समाधान: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी

Meenu | August 6, 2026 | 11:26 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की मांगों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों से बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। मंत्री ने बताया कि आंदोलनरत छात्रों से संवाद के लिए चार मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों पर चर्चा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श कर समाधान का रास्ता तैयार करेगी।

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छात्रों से संवाद के लिए बनी मंत्री समिति

इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए समाधान चाहती है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को गंभीरता से लिया जा रहा है और सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि आंदोलन में स्थानीय युवाओं की तुलना में बाहर से, विशेषकर दिल्ली से आए लोगों की संख्या अधिक है, जिससे आंदोलन का स्वरूप प्रभावित हुआ है।

“झारखंड में पेपर लीक नहीं हुआ”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में कई कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, जेपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा लिया जा चुका है, कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। इरफान अंसारी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि JPSC से जुड़े विवादों की शुरुआत भाजपा शासनकाल में हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों के बाद से लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार का कोई सदस्य JPSC भर्ती प्रक्रिया से लाभान्वित नहीं हुआ है।

“NEET और JPSC की तुलना उचित नहीं”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि NEET और JPSC की तुलना करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, NEET एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जबकि JPSC राज्य स्तरीय परीक्षा है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों में केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

“मुख्यमंत्री युवाओं की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानते हैं”

इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन युवाओं की समस्याओं को अपनी समस्या मानते हैं और सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों के हित में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बातचीत के माध्यम से इस पूरे मामले का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

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